खाड़ी क्षेत्र में जारी भारी तनाव के बीच भारतीय जहाजों के लिए राहत की खबर आई है। कुवैत और यूएई (UAE) से चले दो भारतीय LPG टैंकर सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz को पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। यह ईरानी नौसेना की घेराबंदी में पहली बड़ी ढील मानी जा रही है। रॉयटर्स (Reuters) की रिपोर्ट के अनुसार, MarineTraffic के डेटा ने इन टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही की पुष्टि की है।

भारतीय जहाजों की आवाजाही पर क्या है ताजा अपडेट?

14 मार्च 2026 को भारतीय झंडे वाले दो LPG गैस टैंकरों ने Strait of Hormuz को पार किया। भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि इन जहाजों का गुजरना एक व्यक्तिगत घटना है और इसके लिए ईरान के साथ कोई पक्का स्थायी समझौता नहीं हुआ है। फिलहाल भारत और ईरान के बीच राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है ताकि भविष्य में भी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस मार्ग से भारत के लिए रसोई गैस की सप्लाई होती है, इसलिए यह रास्ता काफी महत्वपूर्ण है।

ईरान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का क्या है स्टैंड?

ईरान ने स्पष्ट किया है कि Strait of Hormuz अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन वहां सुरक्षा जांच और युद्धकालीन प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इस स्थिति को लेकर कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने शिपिंग में देरी के लिए बीमा कंपनियों के डर को जिम्मेदार ठहराया है।
  • ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उनके पावर प्लांट पर हमला करता है, तो रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
  • भारत सहित 22 देशों ने ईरान की इस घेराबंदी की निंदा की है और समुद्र में जहाजों की सुरक्षा की मांग की है।
  • क्षेत्र में करीब 20,000 भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है जो वहां फंसे हुए हैं।
  • जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए अब ईरान के साथ सीधा संपर्क करने का तंत्र बनाया गया है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.