जापान और छह यूरोपीय देशों ने ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने और नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा की है। गुरुवार 19 मार्च 2026 को जारी एक संयुक्त बयान में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और कनाडा ने ईरान से समुद्री रास्तों को तुरंत खोलने और हमले रोकने की मांग की। इन देशों ने कहा कि व्यापारिक जहाजों और तेल ठिकानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

ईरान के खिलाफ जारी संयुक्त बयान की मुख्य बातें

जापान और यूरोपीय देशों ने ईरान से अपनी धमकियों, माइंस बिछाने और ड्रोन हमलों को तुरंत बंद करने का आग्रह किया। बयान में स्पष्ट किया गया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों में किसी भी तरह की रुकावट डालना संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन है। देशों ने कहा कि समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है और इसे किसी भी हाल में बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

  • ईरान को UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने को कहा गया।
  • तेल और गैस सप्लाई चैन में बाधा को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बताया गया।
  • सातों देशों ने Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए हर संभव सहयोग देने की तैयारी जताई।
  • International Energy Agency ने तेल बाजार को स्थिर करने के लिए इमरजेंसी स्टॉक जारी करने का फैसला लिया है।

खाड़ी क्षेत्र में हालिया हमलों का क्या है विवरण?

पिछले 24 घंटों में खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर हमले तेज हुए हैं। 19 मार्च को कुवैत की दो बड़ी रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले किए गए। इसके साथ ही अबू धाबी के गैस प्लांट को भी निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं के बाद दुनिया भर में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

स्थान घटना का विवरण
Mina Al-Ahmadi कुवैत रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ
Mina Abdullah कुवैत की दूसरी रिफाइनरी को निशाना बनाया गया
Habshan अबू धाबी के गैस प्लांट पर हमला हुआ
Strait of Hormuz ईरानी सेना द्वारा रास्ता बंद करने का प्रयास

ब्रिटेन ने इस संकट से निपटने के लिए अपनी मिलिट्री टीम को तैनात किया है जो अमेरिका के साथ मिलकर समुद्री रास्ता फिर से खोलने की योजना बना रही है। वहीं चीन ने भी तनाव कम करने और समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। ईरान के नए नेतृत्व ने फिलहाल रास्ता बंद रखने और हमले जारी रखने के संकेत दिए हैं।