तेल बाजार में अचानक आई उथल-पुथल ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव और जहाजों पर हुए हमले के कारण Brent Crude की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है. इस घटना के बाद जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.
शुक्रवार, 26 जून 2026 को Brent Crude की कीमतों में बड़ी गिरावट आई. पहले तेल की कीमतें 4% तक बढ़ी थीं, लेकिन बाद में इनमें 2% से ज्यादा की कमी आई. बाजार में यह हलचल Strait of Hormuz में दोबारा शुरू हुई हिंसा की वजह से हुई.
जहाज पर ड्रोन हमला और तनाव
यह पूरा मामला गुरुवार, 25 जून 2026 को शुरू हुआ, जब Gulf of Oman में ओमान के तट के पास एक कार्गो जहाज Ever Lovely पर हमला हुआ. यह जहाज सिंगापुर के झंडे के नीचे चल रहा था. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान ने संभवतः एक ड्रोन के जरिए इस जहाज पर हमला किया था. इस हमले से पहले ईरान ने उसी दिन चेतावनी भी जारी की थी.
IMO का बड़ा फैसला
हमले के बाद International Maritime Organization (IMO) ने गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया. IMO ने Strait of Hormuz के पास फंसे जहाजों को निकालने के अपने प्रोग्राम को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया. IMO के सेक्रेटरी जनरल Arsenio Dominguez ने कहा कि यह फैसला जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है. उन्होंने साफ किया कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह IMO के इस प्रोग्राम का हिस्सा नहीं था.
ईरान और अमेरिका का रुख
ईरान के Revolutionary Guards ने चेतावनी दी कि जो जहाज बिना उनकी अनुमति के Strait of Hormuz से गुजरेंगे, उन्हें अवैध माना जाएगा और उन्हें अंजाम भुगतना होगा. वहीं, ईरान की Persian Gulf Strait Authority ने कहा कि तय रास्तों के बाहर जाने वाले जहाजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती. दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार को कहा कि Strait of Hormuz खुला हुआ है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले ने दुनिया को याद दिला दिया है कि इस इलाके में शांति कितनी नाजुक है. हालांकि शुक्रवार को भी जहाजों की आवाजाही जारी रही, लेकिन ईरानी नेवी की चेतावनी के बाद कुछ टैंकरों को वापस लौटना पड़ा. अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु निरीक्षण और Strait of Hormuz के नियंत्रण जैसे मुद्दों पर बातचीत अब भी चल रही है.
