Strait of Hormuz में तनाव फिर बढ़ गया है. ईरान ने कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता खोलने का दावा किया है, लेकिन साथ ही कई सख्त शर्तें भी लगा दी हैं. इस बीच जहाजों पर फायरिंग की खबरों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है, जिससे समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.

ईरान ने रास्ता खोलने के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह खुला है. लेकिन IRGC Navy ने अपनी अलग शर्तें रखी हैं. अब किसी भी जहाज को वहां से गुजरने के लिए IRGC से अनुमति लेनी होगी और सिर्फ उनके द्वारा बताए गए रास्तों का इस्तेमाल करना होगा. मिलिट्री जहाजों के वहां से गुजरने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. IRGC ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की नाकेबंदी जारी रही, तो रास्ता फिर से प्रतिबंधित हो सकता है.

Strait of Hormuz विवाद के मुख्य बिंदु

संबंधित पक्ष कथन और कार्रवाई
ईरान विदेश मंत्रालय कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता खोलने का ऐलान किया.
IRGC Navy अनुमति अनिवार्य की और मिलिट्री जहाजों पर रोक लगाई.
अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रखने का फैसला किया.
भारत (UN) व्यापारिक जहाजों पर हमलों पर दुख जताया और सुरक्षित रास्ते की मांग की.
भारत (विदेश सचिव) पेरिस में सुरक्षा बैठक में हिस्सा लिया.
ताजा घटना 18 अप्रैल को जहाजों पर फायरिंग की खबरें आईं.

भारतीय जहाजों पर हमले की खबर और भारत का स्टैंड

सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें आईं कि IRGC Navy ने फायरिंग कर दो भारतीय जहाजों को वापस मोड़ दिया. हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि वे जहाज भारत के ही थे. भारत ने UN में इस बात पर चिंता जताई कि व्यापारिक जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया जा रहा है. विदेश सचिव Vikram Misri ने फ्रांस और यूके द्वारा आयोजित एक समिट में हिस्सा लिया ताकि समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाया जा सके और व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com