ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से पिछले 24 घंटों में कम से कम 25 जहाजों के गुजरने की खबर आई है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नौसेना ने बताया कि इन सभी जहाजों ने ईरानी अधिकारियों से अनुमति ली थी। इस जलमार्ग पर ईरान ने हाल ही में अपने नियंत्रण को काफी कड़ा कर दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार में शामिल देशों की चिंता बढ़ गई है।

ईरान ने क्यों कड़े किए हॉर्मुज जलडमरूमध्य के नियम?

ईरान ने मार्च 2026 में हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता का दावा मजबूत किया था। ईरानी संसद ने इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके अलावा, एक नई अथॉरिटी ‘Persian Gulf Strait Authority’ (PGSA) का गठन किया गया है। अब सभी जहाजों को इस मार्ग से गुजरने के लिए पहले ईमेल के जरिए अपनी पूरी जानकारी भेजकर अनुमति लेनी पड़ती है। बिना अनुमति के यात्रा करने वाले जहाजों को ईरान की ओर से कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

अमेरिका और चीन का इस मुद्दे पर क्या है रुख?

अमेरिका और दुनिया के ज्यादातर देश संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून (UNCLOS) के नियमों का हवाला देते हैं, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाजों को बिना किसी रोक-टोक के गुजरने की आजादी होनी चाहिए। मई 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक बैठक में साफ किया था कि इस मार्ग से ऊर्जा की सप्लाई बिना किसी बाधा के जारी रहनी चाहिए। चीन ने जहाजों पर टैक्स लगाने का विरोध किया है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन मतभेद अब भी काफी गहरे हैं।

पिछले कुछ दिनों में क्या बदलाव आए हैं?

ईरान के इस नए नियम के बाद इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में बदलाव देखा गया है। आंकड़ों के अनुसार:

  • 23 मई 2026: कम से कम 25 जहाज ईरान की अनुमति से गुजरे।
  • 21 मई 2026: करीब 31 जहाजों ने अनुमति लेकर यह मार्ग पार किया था।
  • 20 मई 2026: कुल 26 जहाजों का इस मार्ग से सुरक्षित पारगमन हुआ था।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ बातचीत में अभी भी कई बड़े मतभेद बने हुए हैं और इसे अभी किसी समझौते का मोड़ नहीं माना जा सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने के लिए ईरान के नए नियम क्या हैं?

नए नियमों के तहत जहाजों को पारस खाड़ी जलमार्ग प्राधिकरण (PGSA) को ईमेल के जरिए अपनी विस्तृत जानकारी भेजकर अनुमति लेनी होगी और तय नियमों के अनुसार टोल टैक्स भी चुकाना पड़ सकता है।

क्या अमेरिका और चीन ईरान के इस फैसले से सहमत हैं?

नहीं, अमेरिका और चीन दोनों स्वतंत्र आवाजाही का समर्थन करते हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने टोल टैक्स का स्पष्ट विरोध किया है, वहीं अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन मानता है।