ईरान और ब्रिटेन के बीच Strait of Hormuz को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है। 6 जून 2026 को ईरानी दूत ने ब्रिटेन के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरान का साफ कहना है कि इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा बाहरी ताकतें नहीं कर सकतीं। ईरान और ओमान मिलकर इस क्षेत्र की सुरक्षा संभाल रहे हैं और किसी भी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ब्रिटेन और फ्रांस को चेतावनी, ईरान और ओमान के पास है पूरा नियंत्रण

ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने ब्रिटेन और फ्रांस को साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर इन देशों ने Strait of Hormuz में अपने युद्धपोत भेजे, तो ईरान इसका तुरंत और कड़ा जवाब देगा। मॉस्को में ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने भी पुष्टि की है कि Strait of Hormuz पर ईरान और ओमान का संयुक्त नियंत्रण है और वे वहां से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूलते हैं। ईरान का कहना है कि जब तक प्रतिबंध पूरी तरह नहीं हटाए जाते और हमले बंद नहीं होते, तब तक इस समुद्री मार्ग पर हालात सामान्य नहीं होंगे।

शांति वार्ता रुकी और जहाजों के रास्ते बदले गए

ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे विवाद के बीच शांति वार्ता में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। अमेरिका ने ईरान के प्रतिबंधों के कारण अपने 122 व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदल दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया है कि ईरान ने इस समुद्री रास्ते के बड़े हिस्से में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस रास्ते पर किसी भी खतरे से वैश्विक व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz पर नियंत्रण को लेकर ईरान का क्या रुख है?

ईरान का मानना है कि केवल वह और ओमान मिलकर Strait of Hormuz की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। वे बाहरी देशों के किसी भी हस्तक्षेप या विदेशी सैन्य उपस्थिति का कड़ा विरोध करते हैं।

वर्तमान में इस समुद्री मार्ग पर व्यापार की क्या स्थिति है?

तनाव के कारण अमेरिका ने अपने 122 व्यापारिक जहाजों के रास्ते बदल दिए हैं। शांति वार्ता फिलहाल रुकी हुई है और जहाजों के सुचारू संचालन के लिए ईरान ने प्रतिबंध हटाने की मांग की है।