Strait of Hormuz Tension: ईरान ने ठुकराया अमेरिका का दावा, कहा- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर सिर्फ हमारा अधिकार है

होरमुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में मिलिट्री टेंशन लगातार बढ़ती जा रही है। ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के उस दावे को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की बात कही थी। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने 16 August 2026 को साफ शब्दों में दोहराया कि यह जलमार्ग पूरी तरह से ईरानी अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आता है और इस पर किसी अन्य देश का कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अमेरिका की नाकाबंदी और सैन्य गतिविधियां
दूसरी तरफ, अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा कि अमेरिकी नौसेना खराब परिस्थितियों की रिपोर्ट के बावजूद अपनी नाकाबंदी बनाए रखने में सक्षम है। सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल Brad Cooper ने हाल ही में क्षेत्र का दौरा पूरा किया और बताया कि अमेरिकी बलों ने समुद्री अभियानों को लागू करते हुए 60 से अधिक कमर्शियल जहाजों को दूसरे रास्ते पर भेजा है। इस पूरी स्थिति के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं।
राजनयिक प्रयास और लेबनान पर हमले
इस बीच कूटनीतिक प्रयास काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने यह स्पष्ट किया है कि फिलहाल संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के साथ कोई औपचारिक बातचीत नहीं चल रही है। इसके अलावा, ईरानी विदेश मंत्रालय ने दक्षिणी लेबनान में हाल ही में हुए इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की है, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। इन घटनाओं से मध्य पूर्व की स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और बंदरगाहों पर असर
इन तमाम विकासक्रमों के बीच, अकादमिक विशेषज्ञों जिनमें प्रोफेसर Stephen Zunes भी शामिल हैं, ने चेतावनी दी है कि चल रहा यह संघर्ष दीर्घकालिक मानवीय परिणामों को जन्म दे सकता है। इससे पारंपरिक अमेरिकी सहयोगियों को वैकल्पिक सुरक्षा गठजोड़ तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं तब और बढ़ गईं जब हूती मिसाइल गतिविधियों के कारण यमन का Mocha port पूरी तरह से बंद हो गया। इन हालातों को देखते हुए कई देश क्षेत्रीय सुरक्षा पर तत्काल चर्चा कर रहे हैं ताकि हालात को बिगड़ने से रोका जा सके।