Strait of Hormuz में बढ़ा तनाव, ईरान ने पकड़े दो जहाज और लगाया टोल, रूस को दी पूरी छूट
दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते Strait of Hormuz में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं. ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए टोल टैक्स शुरू कर दिया है, जबकि रूस को इससे पूरी छूट दी गई है. इस बीच ईरानी सेना ने दो कंटेनर जहाजों को जब्त किया है, जिससे ग्लोबल शिपिंग और व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है.
ईरान ने जहाजों को पकड़ा और बिछाईं खदानें
23 अप्रैल 2026 को ईरानी बलों ने MSC-Francesca और Epaminondas नाम के दो कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया. ईरान का आरोप है कि इन जहाजों ने बिना परमिट के काम किया और नेविगेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की. इसी दिन एक तीसरे जहाज पर भी गोलीबारी की खबर आई. IRGC नौसेना ने सुरक्षा के नाम पर इस समुद्री मार्ग में और ज्यादा खदानें बिछाई हैं.
टोल सिस्टम और शिपिंग पर असर
ईरान ने अब Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए टोल वसूलने की प्रणाली लागू की है. यह शुल्क जहाज के वजन और उसमें लदे माल के आधार पर तय होता है. हालांकि, रूस को इस टोल के भुगतान से पूरी तरह छूट दी गई है. इस तनाव की वजह से शिपिंग ट्रैफिक बहुत कम हो गया है. युद्ध से पहले हर महीने करीब 3,000 जहाज यहां से गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या गिरकर मात्र 5% रह गई है.
अमेरिका की नाकाबंदी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
13 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी कर दी, जिससे वहां दोहरी नाकाबंदी की स्थिति बन गई है. अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने ईरान के इन कदमों और भेदभावपूर्ण टोल सिस्टम की निंदा की है. फ्रांस और ब्रिटेन एक सुरक्षा मिशन बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मामले से जुड़े प्रस्ताव को वीटो कर दिया.