अमेरिका और ईरान के बीच ceasefire होने के बावजूद Strait of Hormuz में तनाव बना हुआ है. शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि ज्यादातर ईरानी जहाज ही वहां से गुजर रहे हैं, जबकि बाकी जहाजों ने अपने सफर में देरी की है. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं और इसे नाकाफी बताया है.

🚨: Iran-US News: ईरान ने रखी 10 सूत्रीय शर्तें, बिना ठोस गारंटी के युद्धविराम से किया इनकार.

Strait of Hormuz में जहाजों के लिए क्या नियम हैं?

ईरान की IRGC ने जहाजों के आने-जाने के लिए बेहद कड़े नियम लागू किए हैं. अब जहाजों को लारक आइलैंड के पास से एक तय रास्ते से ही गुजरना होगा ताकि वे समुद्री माइंस से बच सकें. ईरान ने एक दिन में सिर्फ 15 जहाजों के गुजरने की सीमा तय की है और इसके लिए IRGC से क्लीयरेंस लेना जरूरी है. साथ ही, तेल के हर बैरल पर 1 डॉलर की ट्रांजिट फीस लेने की बात भी सामने आई है.

ट्रंप और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

डोनाल्ड ट्रंप ने 10 अप्रैल को कहा कि ईरान ने रास्ते को दोबारा खोलने में बहुत खराब काम किया है. अमेरिका की शर्त थी कि Strait of Hormuz को पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से खोला जाए. ट्रंप ने ट्रांजिट फीस वसूलने का विरोध किया है और इसे समझौते का उल्लंघन बताया है. दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि वे युद्ध नहीं चाहते लेकिन अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे.

शिपिंग डेटा और वर्तमान स्थिति क्या है?

विवरण जानकारी
सामान्य ट्रैफिक करीब 140 जहाज प्रतिदिन
वर्तमान ट्रैफिक मात्र 6 जहाज (7% बहाली)
दैनिक सीमा अधिकतम 15 जहाज
इंतजार कर रहे जहाज करीब 180 टैंकर
ट्रांजिट फीस 1 डॉलर प्रति बैरल
मुख्य मार्ग लारक आइलैंड के पास

आगे की बातचीत और अन्य विवाद

शनिवार, 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हाई-लेवल मीटिंग होगी, जिसमें अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance हिस्सा लेंगे. पाकिस्तान ने इस ceasefire और बातचीत में बीच का रास्ता निकालने में मदद की है. हालांकि, लेबनान में युद्धविराम को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं है. इसके अलावा, कुवैत ने 9 अप्रैल को अपने ठिकानों पर ड्रोन हमले का आरोप ईरान और उसके समर्थकों पर लगाया है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.