Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान के Qeshm और Sirik इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब अमेरिका और ईरान के बीच सीधी भिड़ंत की खबरें आईं और इसमें भारतीय नाविकों की जान जाने की बात सामने आई।
📰: Iran में धमाकों की गूँज, अमेरिका ने साधा निशाना, Strait of Hormuz में बढ़ी हलचल।
ईरान में धमाके और IRGC की कार्रवाई
12 जून 2026 को दक्षिण ईरान के Qeshm Island और Sirik County के पास धमाके हुए। ईरान की सरकारी एजेंसी IRIB ने बताया कि ये धमाके चेतावनी के तौर पर किए गए शॉट्स थे। IRGC Navy के एक सैन्य सूत्र ने पुष्टि की कि एक जहाज बिना किसी तालमेल के Strait of Hormuz से गुजरने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद उस पर कार्रवाई की गई। चेतावनी मिलने के बाद उस टैंकर ने नियमों का पालन किया।
भारतीय नाविकों की मौत और अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गंभीर आरोप लगाया कि ईरान ने Strait of Hormuz से निकलने वाले भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला किया। इस हमले में 11 जून को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जिसे ट्रंप ने पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। इसी बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के दो हमले करने वाले ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
Strait of Hormuz की बंदी और नाकाबंदी
ईरान ने 11 जून को Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर दिया था। ईरान के सैन्य कमांड ने कहा था कि किसी भी जहाज को रास्ता पार करने की कोशिश करने पर निशाना बनाया जाएगा। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी है। CENTCOM के मुताबिक, 13 अप्रैल से अब तक 139 जहाजों को दूसरा रास्ता दिखाया गया और 9 जहाजों को रोका गया। इसके अलावा CENTCOM ने 10 और 11 जून को ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए।
शांति समझौते की उम्मीद
इतने तनाव के बीच बातचीत के संकेत भी मिले हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने एक “Islamabad MoU” का जिक्र किया, जिससे अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच विवाद सुलझ सकता है। इस ड्राफ्ट डील में ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करने और Strait of Hormuz के प्रबंधन की बातें शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया कि 80 से 85 प्रतिशत संभावना है कि जल्द ही एक अंतरिम शांति समझौता साइन हो जाए, जिससे यह समुद्री रास्ता फिर से खुल सके।
