Strait of Hormuz को लेकर दुनिया भर में हलचल मची है. एक तरफ ईरान ने इसे पूरी तरह बंद करने का दावा किया है, तो दूसरी तरफ अमेरिका ने इसे खुला बताया है. इस खींचतान के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते की बात कही है, लेकिन ईरान के अधिकारियों की बातों में कुछ और ही नजर आ रहा है.

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क्या है पूरा मामला

14 जून 2026 को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रेडियो के जरिए चेतावनी दी कि Strait of Hormuz पूरी तरह बंद है. उन्होंने सभी जहाजों को वहां से न गुजरने की सलाह दी है ताकि उनकी सुरक्षा बनी रहे. लेकिन उसी दिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के साथ एक शांति समझौता होने जा रहा है और इसके बाद यह रास्ता तुरंत खुल जाएगा.

बयानों में विरोधाभास

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने ट्रंप के दावे पर अलग बात कही. उन्होंने बताया कि समझौते पर साइन करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है और ऐसा कल यानी 15 जून को नहीं होगा. वहीं, अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने साफ किया कि रास्ता खुला है और जहाज वहां से बिना किसी रुकावट के गुजर रहे हैं. CENTCOM ने यह बात तब कही जब उन्होंने कुछ ईरानी ड्रोन हमलों को नाकाम किया था.

पुराने विवाद और नए नियम

इससे पहले 10 और 11 जून को भी ईरान ने इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया था. ईरान का कहना है कि अमेरिकी हमलों की वजह से इलाके में असुरक्षा है. इसके अलावा, मई 2026 में ईरान ने ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) नाम की संस्था बनाई थी. अब सभी कमर्शियल जहाजों को वहां से गुजरने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है. खबरों के मुताबिक, इस परमिशन के लिए कुछ जहाजों को 20 लाख डॉलर तक देने पड़ रहे हैं, जिसे अमेरिका अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बता रहा है. फिलहाल कतरी मध्यस्थ इस मामले को सुलझाने के लिए तेहरान में कोशिशें कर रहे हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.