हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सऊदी अरब और ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। हालांकि, अमेरिकी सैन्य कमान (CENTCOM) ने अपने जहाजों पर किसी भी सीधे हमले की पुष्टि करने से इनकार किया है, लेकिन उन्होंने ईरान के खिलाफ बड़े हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इस सैन्य टकराव के बाद बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।

ईरान और अमेरिका के बीच कैसे शुरू हुई यह ताज़ा सैन्य भिड़ंत

इस ताज़ा विवाद की शुरुआत 8 जून को हुई जब अमेरिकी सेना का एक एपाचे हेलीकॉप्टर हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास क्रैश हो गया। अमेरिकी अधिकारियों ने इस घटना के लिए ईरानी ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया। इसके जवाब में 10 जून को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में स्थित वायु सेना सुरक्षा प्रणाली, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और रडार साइटों पर ताबड़तोड़ हमले किए। इन हमलों के बाद ईरान के बंदर अब्बास, केश्म द्वीप, मीनाब और सीरीक जैसे इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हवाई हमला

अमेरिकी हवाई हमलों के विरोध में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे। हालांकि, अमेरिकी सेना और मित्र देशों की सुरक्षा प्रणाली ने इन मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे अमेरिकी ठिकानों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। इसी बीच, ओमान के तट के पास पलाऊ देश के झंडे वाले तेल टैंकर ‘सेतेबेलो’ में अचानक आग लग गई, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई और दो लापता हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह घटना ईरान की आर्थिक नाकेबंदी के अमेरिकी प्रयासों के कारण हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राष्ट्र की बड़ी चेतावनी

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने समझौते के लिए बहुत लंबा वक्त लिया है और अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के गुप्त अभियानों की मदद से हॉर्मुज जलडमरूमध्य से 10 करोड़ बैरल तेल सुरक्षित रूप से निकाला गया। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दुनिया को आगाह करते हुए कहा है कि इस क्षेत्र में फिर से पूर्ण युद्ध छिड़ने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान ने सच में अमेरिकी जहाजों पर हमला किया है?

ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि उनके बलों ने मिसाइलों और ड्रोन से अमेरिकी जहाजों पर हमला किया, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने जहाजों पर ऐसे किसी भी हमले की पुष्टि नहीं की है।

इस तनाव का खाड़ी देशों पर क्या असर हो रहा है?

ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिन्हें हवा में ही मार गिराया गया। इसके अलावा समुद्री मार्ग असुरक्षित होने के कारण तेल जहाजों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.