Strait of Hormuz दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक मार्ग है और यहाँ तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान ने यहाँ समुद्री खदानें यानी mines बिछाई हैं, जबकि अमेरिका ने अपनी नाकाबंदी को और सख्त कर दिया है। इस टकराव की वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।

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ईरान और अमेरिका के बीच टकराव की क्या वजह है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नौसेना को सख्त आदेश दिया है कि अगर कोई ईरानी नाव स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में खदान बिछाने या रास्ता रोकने की कोशिश करती है, तो उसे गोली मार दी जाए। अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि शिपिंग पर अमेरिकी नाकाबंदी अब और ज्यादा प्रभावी और मजबूत हो रही है। CENTCOM के मुताबिक, 13 अप्रैल को नाकाबंदी शुरू होने के बाद से अब तक 34 जहाजों को वापस मोड़ा गया है।

जहाजों की सुरक्षा और ईरान के नए नियमों का क्या असर है?

ईरान ने अब इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाना शुरू कर दिया है और इससे राजस्व भी प्राप्त हुआ है। 22 अप्रैल के आसपास ईरानी बलों ने दो विदेशी जहाजों को जब्त किया और एक तीसरे जहाज पर गोलीबारी की। फिलहाल ईरान केवल अपने IRGC द्वारा अधिकृत जहाजों को ही पारगमन की अनुमति दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने चेतावनी दी है कि अब तक जहाजों पर 29 हमले हुए हैं और कम से कम 10 नाविकों की मौत हो चुकी है।

दुनिया के अन्य देशों और संस्थाओं का इस पर क्या कहना है?

फ्रांस और यूके ने जहाजों की सुरक्षा के लिए एक नई समुद्री नेविगेशन पहल शुरू की है और एक बहुराष्ट्रीय रक्षा मिशन बनाने की योजना बना रहे हैं। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करते हुए इस मार्ग को तुरंत खोलना दुनिया के लिए जरूरी है। इसी बीच, बहरीन 27 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में समुद्री जलमार्गों की सुरक्षा को लेकर एक उच्च स्तरीय चर्चा की अध्यक्षता करेगा।

Sushma Kumari

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