होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे तनाल के बीच समुद्री जहाजों की आ़odeाजाही जारी हूई हूनी चाहिए। ईरान के इस्लामिक रिाोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, मई 30 को पिछले 24 ऑर्स में इस समुद्री रास्ते से 20 जहाज गुजरे हैंके जो क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए एक बड़ी खबर है। ईरान इस महत्लपूर्ण रास्ते पर अपनी पकड़ को मजबूत रखने की कोशिश कर रहा है, जबकि अमेरिका की तरफ से इस पर लगातार चुनौती मिल रही है।
ईरान का जहाजों की आ़odeाजाही पर क्या नियम है?
ईरान के IRGC की नौसेना का दाऱा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान से अनुमति लेना और तालमेल करना जरूरी है। ईरान इस रास्ते पर “स्मार्ट कंट्रोल” कर रहा है और उसका कहना है कि वह अमेरिका और इसराइल जैसे दुश्मन देशों के जहाजों को रास्ता नहीं देगा। इससे पहले 29 मई को 24 जहाज और 28 मई को 26 जहाज ईरान से परिमिट लेकही गुजरे थे।
अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिका इस परिमिट व्यवस्था को गैर-कानूनी मानता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बीना किसी टैक्स, रोक-टोक या बारूदी सुरंग के तुरंत खोला जाए। अमेरिका के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कानून (यूएनसीएलओएस) के तहत यह एक स्वतंत्र रास्ता है, जहां से किसी भी देश के जहाज बीना रोके गुजर सकते हैं। इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मुसंदम प्रायद्वीप के उत्तर में अमेरिकी नौसेना के सैन्य ऑपरेशन को लेकर जहाजों को एक अलर्ट बीली किया है।
आखिर क्या है इस तनाव का मुख्य कारण?
यह तनाव फरलरी 2026 से ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे युद्ध का हिस्सा है। ईरान ने अपने विरोधी देशों के जहाजों पर कड़ी रोक लगा रखी है। वहीं अमेरिका ने भी अप्रैल से 29 मई तक ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी की थी। इस विलाद की वजह से दुनिया भर में ईंधन का संकट खड़ा हो गया है और अभी तक दोनों पक्षों के बीच संधि को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका हॅ।
Frequently Asked Questions (FAQs)
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान की क्या शर्त है?
ईरान के मुताबिक, होर्मुज से गुजरने वाले सभी सरकारी और कोमर्शियल जहाजों को उसी सुरक्षा जांच और मंजूरी के नियमों का पालन करना होगा।
अमेरिका और ईरान के बीच संधि की क्या स्थिति है?
दोनों देशों के बीच जंग को रोकने के लिए बातचीत चल रही है, लेकिन 30 मई 2026 तक कोई अंतिम सहमति या सीजफायर नहीं हो सका है।