दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई की वजह से यहां से सामान ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। जहां एक तरफ ईरान जहाजों को पकड़ रहा है, वहीं अमेरिका ने अपनी नौसेना को सख्त आदेश दिए हैं। इस टकराव का असर पूरी दुनिया के तेल और व्यापार पर पड़ सकता है।

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ईरान ने जहाजों पर किया हमला, क्या है ताजा स्थिति?

24 अप्रैल को ईरान ने Strait of Hormuz में तीन जहाजों पर फायरिंग की और उनमें से दो को अपने कब्जे में ले लिया। पकड़े गए जहाजों के नाम MSC Francesca और Epaminondas हैं। पनामा देश ने इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताया है और इसे समुद्री सुरक्षा पर बड़ा हमला कहा है। इससे पहले 22 अप्रैल को भी ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दो कंटेनर जहाजों को पकड़ा था।

अमेरिका का कड़ा रुख और ‘शूट एंड किल’ का आदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सीजफायर तो किया लेकिन ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी है। ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि जो भी जहाज समुद्र में माइन बिछाते हुए पाया जाए, उसे तुरंत मार गिराया जाए। इस इलाके में USS George H.W. Bush विमानवाहक पोत और हजारों अमेरिकी सैनिक पहुंच चुके हैं। CENTCOM के मुताबिक अब तक 31 जहाजों को वापस मोड़ दिया गया है।

ट्रांजिट फीस और सीजफायर पर ईरान की शर्तें

ईरान के राजदूत Kazem Jalali ने बताया कि ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से फीस लेगा, लेकिन रूस जैसे कुछ देशों को इससे छूट दी गई है। ईरान के संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने कहा है कि जब तक अमेरिका अपनी घेराबंदी खत्म नहीं करता, तब तक सीजफायर का कोई मतलब नहीं है। ईरान की मांग है कि बातचीत शुरू करने के लिए अमेरिकी नौसेना को यहां से पूरी तरह हटना होगा।