स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल की किल्लत हो सकती है. जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि इसका एशिया-पैसिफिक क्षेत्र पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. इस बीच अमेरिका ने जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रोजेक्ट फ्रीडम का ऐलान किया है, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया है.

जापान और एशिया पर क्या होगा असर?

प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कैनबरा में बताया कि ग्लोबल ऑयल सप्लाई कम होने से एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में बड़ी समस्या आएगी. उन्होंने साफ किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ का बंद होना इस पूरे इलाके के लिए खतरनाक है. इसके जवाब में जापान और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर ऊर्जा की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए काम करने का फैसला किया है. जापान ने 10 अरब डॉलर के ‘POWERR Asia’ फंड की भी शुरुआत की है, जिसका मकसद तेल और अन्य ज़रूरी सामानों की सप्लाई चैन को मज़बूत बनाना है.

अमेरिका का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ और ईरान का विरोध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम का एक ऑपरेशन शुरू किया है. इसका मुख्य उद्देश्य उन जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है जो किसी भी देश के विवाद में शामिल नहीं हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस मिशन के लिए गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स, 100 से ज़्यादा विमान और 15,000 सैनिकों को तैनात किया है. दूसरी ओर, ईरान की संसद के सुरक्षा प्रमुख ने इस ऑपरेशन को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है और इसे स्वीकार करने से मना कर दिया है.

क्षेत्र में तनाव और ताज़ा घटनाएँ

  • 3 मई 2026: फ़ुज़ैरह के उत्तर में एक तेल टैंकर पर अज्ञात मिसाइलों से हमला हुआ.
  • 29 अप्रैल 2026: जापान का तेल टैंकर ‘इडेमित्सु मारु’ सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से निकला, जिसमें 20 लाख बैरल सऊदी तेल लदा था.
  • 28 फरवरी 2026: अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद से इस समुद्री रास्ते पर तनाव बढ़ा हुआ है.
  • डिप्लोमैटिक कोशिशें: प्रधानमंत्री ताकाइची ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से सभी जहाजों के सुरक्षित passage की अपील की है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ क्यों ज़रूरी है?

यह दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे मुख्य समुद्री रास्तों में से एक है. अगर यह बंद होता है, तो एशिया और बाकी दुनिया में तेल की भारी किल्लत होगी और कीमतें बढ़ सकती हैं.

अमेरिका का प्रोजेक्ट फ्रीडम क्या है?

यह अमेरिकी नौसेना और वायुसेना का एक ऑपरेशन है, जिसके तहत तटस्थ जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से सुरक्षित निकालने के लिए डिस्ट्रॉयर्स और विमान तैनात किए गए हैं.