ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) में जहाज़ों की आवाजाही पर बहुत बुरा असर पड़ा है। इस बेहद संवेदनशील समुद्री रास्ते से अब बहुत ही कम जहाज़ निकल पा रहे हैं। हाल ही में कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) लेकर कुछ टैंकर भारत, पाकिस्तान और चीन के लिए रवाना हुए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से इस पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के गंभीर खतरे पैदा हो गए हैं और जहाज़ों का आना-जाना बहुत सीमित हो गया है।
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जंग के बीच भारत और चीन के लिए कैसे निकले गैस टैंकर?
25 मई 2026 को दो बड़े एलएनजी (LNG) टैंकर Strait of Hormuz से सुरक्षित बाहर निकले हैं। इनमें से ‘Fuwairit’ नाम का टैंकर पाकिस्तान जा रहा है और ‘Al Rayyan’ नाम का टैंकर चीन की तरफ बढ़ रहा है। इससे पहले 23 मई को भारत के लिए ‘Al Hamra’ नाम का एक टैंकर निकला था, जिसे Adnoc Logistics & Services ऑपरेट कर रहा है। जंग शुरू होने के बाद भारत के लिए यह पहला गैस शिपमेंट है जो इस रास्ते से सुरक्षित बाहर आया है। इसके अलावा चीन के लिए एक और टैंकर ‘Al Sahla’ भी 22 मई के आसपास यहाँ से गुज़रा था।
युद्ध शुरू होने के बाद कितनी कम हुई जहाज़ों की संख्या?
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों के बाद से यहाँ तनाव काफी बढ़ गया है। जहाज़ों की संख्या में भारी गिरावट आई है:
- युद्ध से पहले इस रास्ते से हर दिन लगभग 138 जहाज़ गुज़रते थे।
- युद्ध के बाद मार्च और अप्रैल के बीच यह औसत गिरकर सिर्फ 6 से 7 जहाज़ रोज़ाना रह गया।
- गैस टैंकरों की बात करें तो पहले जहाँ रोज़ाना 3 गैस टैंकर निकलते थे, वहीं जंग के बाद से अब तक कुल मिलाकर सिर्फ 7 एलएनजी शिपमेंट ही यहाँ से निकल पाए हैं।
- ईरान की सेना (IRGC Navy) का दावा है कि 22 मई को 24 घंटे में 35 जहाज़ यहाँ से गुज़रे, लेकिन स्वतंत्र AIS डेटा के अनुसार केवल 12 जहाज़ों ने ही इस रास्ते को पार किया क्योंकि कई जहाज़ सुरक्षा कारणों से अपने ट्रांसपोंडर बंद करके चल रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने क्या कहा है?
अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है और अब तक कई जहाज़ों को रोका है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय और नई एजेंसी PGSA ने साफ कर दिया है कि उनकी अनुमति के बिना इस समुद्री रास्ते से गुज़रना गैरकानूनी है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने मर्चेंट शिप पर होने वाले हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। समुद्री संगठनों जैसे ICS और BIMCO ने भी नया गाइडेंस जारी करके जहाज़ों को जीपीएस जैमिंग और मिसाइल हमलों से सावधान रहने की सलाह दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जंग शुरू होने के बाद भारत के लिए कौन सा पहला गैस टैंकर निकला?
भारत के लिए ‘Al Hamra’ नाम का एलएनजी टैंकर 23 मई 2026 को Strait of Hormuz से बाहर निकला। यह Adnoc Logistics & Services द्वारा संचालित है और जंग के बाद भारत के लिए पहला शिपमेंट है।
युद्ध के बाद से गैस टैंकरों की संख्या में कितनी गिरावट आई है?
युद्ध से पहले इस रास्ते से रोज़ाना लगभग 3 गैस टैंकर निकलते थे। लेकिन 28 फरवरी 2026 के बाद से अब तक कुल मिलाकर केवल 7 एलएनजी टैंकर ही यहाँ से पार हो पाए हैं।