संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक नई रिपोर्ट ने वैश्विक व्यापार को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाला समुद्री यातायात लगभग पूरी तरह ठप हो गया है। पिछले एक महीने में यहाँ से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में 95% की भारी गिरावट देखी गई है। संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) ने पुष्टि की है कि इस रास्ते से होने वाली आवाजाही अब न के बराबर रह गई है, जिसका सीधा असर दुनिया भर के बाज़ारों पर पड़ना शुरू हो गया है।

इस संकट से आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stéphane Dujarric ने जानकारी दी है कि इस रुकावट की वजह से दुनिया भर में सामानों के व्यापार की ग्रोथ में 1% की कमी आने की संभावना है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें बढ़ने से आने वाले दिनों में महंगाई काफी बढ़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के अंत तक वैश्विक जीडीपी (GDP) गिरकर 2.6% तक रह सकती है। इसका असर शेयर बाजार और विकासशील देशों की करेंसी पर भी पड़ेगा, जिससे विदेशी सामान और यात्रा महंगी हो सकती है।

  • कच्चे तेल की सप्लाई रुकने से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं
  • खाद (Fertilizer) की सप्लाई बाधित होने से खेती और खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ेंगी
  • शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट और अस्थिरता आने की आशंका है
  • विकासशील देशों की मुद्राओं की वैल्यू कम होने का खतरा है

घटनाक्रम और अब तक की बड़ी बातें

इस पूरे मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने एक विशेष टास्क फोर्स बनाई है जो मानवीय जरूरतों और तकनीकी समाधानों पर काम करेगी। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस समुद्री रास्ते को फिर से सुरक्षित बनाने के लिए वैश्विक प्रयासों का समर्थन करने की बात कही है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह खबर अहम है क्योंकि यहाँ से होने वाला व्यापार पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी माना जाता है।

तारीख प्रमुख घटनाक्रम
28 फरवरी 2026 सैन्य हमलों के बाद तनाव बढ़ा और जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई
2 मार्च 2026 ईरान ने इस समुद्री मार्ग पर पाबंदियों की घोषणा की
11 मार्च 2026 UNCTAD ने एनर्जी और खाद सप्लाई पर बड़े खतरे की चेतावनी दी
27 मार्च 2026 संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया
1 अप्रैल 2026 UAE ने मार्ग खोलने के लिए वैश्विक प्रयासों में शामिल होने की इच्छा जताई
2 अप्रैल 2026 WAM ने जहाजों की संख्या में 95% गिरावट की पुष्टि की
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.