दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री राह Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही अचानक रुक गई है। अब यहाँ से केवल वही जहाज गुजर पाएंगे जिनके पास पहले से मंजूरी या खास इंतजाम होंगे। ईरान ने इस इलाके पर अपना पूरा कंट्रोल कर लिया है जिससे पूरी दुनिया की सप्लाई चेन और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ईरान का नया प्लान और कड़े नियम क्या हैं?
- कंट्रोल: ईरान की आर्मी और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स अब Strait of Hormuz को पूरी तरह कंट्रोल कर रहे हैं। आर्मी प्रवक्ता Mohammad Akraminia ने कहा कि बिना इजाजत कोई भी जहाज यहाँ से नहीं गुजर सकता।
- नया फ्रेमवर्क: ईरान ने 12 पॉइंट का एक नया रेगुलेटरी प्लान बनाया है। इसमें इजराइल के जहाजों के आने पर पूरी तरह पाबंदी होगी।
- फीस और हर्जाना: ‘दुश्मन देशों’ के जहाजों को अब युद्ध का हर्जाना देना होगा। साथ ही, ईरान का सेंट्रल बैंक अप्रैल के बीच से ही जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूल रहा है।
- सरकारी बयान: डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Hamid Ghanbari ने बताया कि कई देश अपने जहाजों को गुजारने के लिए ईरान से गुजारिश कर रहे हैं।
अमेरिका का विरोध और भारत की कोशिशें
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब भी जारी है। अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है जिससे ईरान का विदेशी व्यापार प्रभावित हुआ है। हालांकि राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि लड़ाई खत्म हो चुकी है, लेकिन नाकेबंदी अब भी लागू है। US Treasury ने शिपिंग कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे ईरान को कोई ट्रांजिट फीस न दें।
इस बीच भारत ने कूटनीतिक कोशिशें की हैं और कुछ LPG टैंकर्स को इस रास्ते से सुरक्षित निकालने में सफलता पाई है। चीन ने भी अमेरिका और ईरान दोनों से अपनी पाबंदियां हटाने की अपील की है। अमेरिकी नेवी अब इस इलाके में बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या Strait of Hormuz में सभी जहाजों का रास्ता बंद है?
हाँ, सामान्य आवाजाही रुक गई है। अब केवल वही जहाज गुजर सकते हैं जिनके पास ईरान की पूर्व अनुमति या विशेष इंतजाम हैं।
भारत ने इस स्थिति में क्या कदम उठाए हैं?
भारत ने बातचीत के जरिए कुछ LPG टैंकर्स को Strait of Hormuz से सुरक्षित निकालने की व्यवस्था की है।