ईरान और इसराइल के बीच हुए युद्धविराम के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने की बात हो रही है. ईरान ने इसे पूरी तरह खोलने का दावा किया है लेकिन ब्रिटेन का कहना है कि यह अभी भी पूरी तरह खुला नहीं है. अमेरिका ने भी ईरान पर अपनी नाकाबंदी जारी रखी है जिससे जहाजों के आने-जाने में दिक्कत आ रही है.

ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह खुला है. लेकिन उन्होंने एक शर्त रखी कि जहाजों को ईरान द्वारा बताए गए रास्ते से चलना होगा और IRGC नेवी के साथ तालमेल रखना होगा. दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया कि जब तक ईरान परमाणु कार्यक्रम पर डील नहीं करता तब तक अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी. US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद से अब तक 21 जहाजों को वापस भेज दिया गया है.

अन्य देशों और संस्थाओं की क्या राय है?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक मीटिंग की और कहा कि इस रास्ते को हमेशा के लिए खोलना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है. सऊदी अरब ने भी इस युद्धविराम का स्वागत किया और मांग की कि समुद्र का यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से खुला रहे. हालांकि इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने कहा कि जहाजों की सुरक्षा को लेकर अभी और जानकारी चाहिए.

पक्ष/संस्था मुख्य स्थिति/बयान
ईरान रास्ता खुला है लेकिन अपनी शर्तों पर चलने को कहा
अमेरिका ईरानी जहाजों पर नाकाबंदी जारी रखी
ब्रिटेन रास्ता पूरी तरह नहीं खुला होने की बात कही
CENTCOM 21 जहाजों को वापस मोड़ा
Kpler (डेटा फर्म) जहाजों की आवाजाही अभी भी सीमित है
सऊदी अरब रास्ते को खुला रखने का पुरजोर समर्थन किया
UN नेविगेशन के अंतरराष्ट्रीय अधिकारों की मांग की
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.