दुनियाभर में तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम समुद्री रास्ता Strait of Hormuz इस समय युद्ध और तनाव की वजह से लगभग बंद है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर यह रास्ता अगले 6 से 8 हफ्तों तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू सकती हैं। इस रुकावट की वजह से हर हफ्ते करोड़ों बैरल तेल की सप्लाई रुकी हुई है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है।

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कच्चे तेल की कीमतों और तेल बाजार की क्या है ताजा स्थिति?

एनर्जी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सप्लाई चेन में आई इस बड़ी रुकावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि तनाव कम नहीं हुआ तो स्थिति और बिगड़ेगी। बाजार की मौजूदा स्थिति को इन बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • FGE NexantECA के अनुसार कीमतों के 150 से 200 डॉलर तक जाने का बड़ा खतरा है।
  • अमेरिकी एनर्जी विभाग (EIA) ने भी 2026 के लिए कच्चे तेल के औसत भाव का अनुमान बढ़ा दिया है।
  • समुद्री रास्ते में जहाजों की आवाजाही कम होने से सप्लाई की भारी कमी हो गई है।
  • बाजार में अनिश्चितता की वजह से आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।

ईरान का नया टोल टैक्स नियम और खाड़ी में बढ़ता तनाव

ईरान की संसद ने Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण बढ़ाने के लिए एक नया मैनेजमेंट प्लान मंजूर किया है। इसके तहत वहां से गुजरने वाले जहाजों को अब ईरानी रियाल में टोल टैक्स देना होगा। इस बीच खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी बड़ी खबरें सामने आ रही हैं जो वहां रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए चिंता का विषय हैं।

मुख्य घटना प्रभाव और विवरण
सऊदी अरब की कार्रवाई सऊदी सेना ने ईरान की ओर से आए 10 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है।
कुवैत और UAE में स्थिति कुवैत के पावर स्टेशन पर हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत की खबर है।
जहाजों की कतारें सैकड़ों तेल टैंकर और मालवाहक जहाज सुरक्षा कारणों से रास्ते के दोनों ओर खड़े हैं।
अमेरिका का रुख राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह फिलहाल रास्ता खुलवाने के बजाय ईरान पर सख्त कार्रवाई कर सकते हैं।

इस संकट की वजह से खाड़ी देशों में जरूरी सामानों की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका है। खाड़ी में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति सीधे तौर पर उनके खर्चों और सुरक्षा से जुड़ी हुई है। कई अंतरराष्ट्रीय देशों ने ईरान से समुद्री रास्तों को खुला रखने की अपील की है ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com