होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों का आना-जाना फिर से शुरू होने वाला है। ओमान और ईरान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों को मानने की बात कही है ताकि समुद्र के रास्ते जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे। यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच हुई एक आपसी समझ के बाद आया है।

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16 जून 2026 को ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने फोन पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान दोनों मंत्रियों ने कहा कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित और मुफ्त आवाजाही के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करेंगे। ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी ONA ने इस खबर की पुष्टि की है। दोनों देशों ने उम्मीद जताई कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए सभी पक्ष राजनीतिक और राजनयिक कोशिशें करेंगे।

इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MoU) होने जा रहा है, जिस पर 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया कि शुक्रवार (19 जून) तक यह रास्ता पूरी तरह खुल जाएगा और अमेरिकी नौसेना ने अपनी नाकाबंदी हटा ली है।

बता दें कि इससे पहले 11 जून 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी हमलों के जवाब में इस रास्ते को सभी जहाजों के लिए बंद कर दिया था। हालांकि, 16 जून को ईरानी जहाजों ने अमेरिकी नाकाबंदी को पार किया, जिससे यह संकेत मिला कि रास्ता दोबारा खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

दूसरी ओर, ईरान के पहले उपराष्ट्रपति Mohammadreza Aref ने यह साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण बना रहेगा। उन्होंने कहा कि जो जहाज इस रास्ते का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें सुरक्षा सेवाओं के खर्च में योगदान देना होगा। इससे पहले ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा था कि इस जलमार्ग पर केवल ओमान और ईरान का अधिकार है और युद्ध जैसी स्थितियों के लिए नए नियम बनाए गए हैं, जिनमें नेविगेशन सहायता और सुरक्षा कार्यों के लिए शुल्क लिया जा सकता है।