Strait of Hormuz में तनाव बढ़ता जा रहा है. ईरान की सख्त चेतावनियों के बाद भी जहाज Oman द्वारा तय किए गए रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस बीच एक विदेशी कंटेनर जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, जिससे पूरे इलाके में डर और अनिश्चितता का माहौल है.
जहाजों की आवाजाही और ईरान की धमकी
Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, 29 जून से अब तक 21 जहाज Oman के बताए रास्तों से गुजरे हैं. Joint Maritime Information Center (JMIC) ने बताया कि 24 जून को 54 जहाजों ने इस रास्ते का इस्तेमाल किया, जो हालिया संघर्ष के बाद एक दिन का सबसे ज्यादा आंकड़ा है. दूसरी तरफ, ईरान की Revolutionary Guard Corps Navy ने चेतावनी दी है कि जो जहाज उनके मंजूर किए रास्ते के अलावा किसी और रास्ते से जाएंगे, उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है.
1 जुलाई को ईरान के सरकारी टीवी ने खबर दी कि एक विदेशी कंटेनर शिप Strait of Hormuz में फंस गया है. ईरान का दावा है कि यह जहाज उनके द्वारा तय किए गए रास्ते का इस्तेमाल नहीं कर रहा था, इसलिए यह हादसा हुआ.
Oman और IMO की कोशिशें
Oman ने International Maritime Organization (IMO) के साथ मिलकर एक सुरक्षित समुद्री रास्ता तय किया है. यह रास्ता छोटा है और इस पर कोई टोल नहीं लगता, ताकि जहाजों को आने-जाने में परेशानी न हो. Oman ने साफ किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और नेविगेशन की आजादी का पालन कर रहा है.
IMO ने ईरान की इन धमकियों और नागरिक जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की है. IMO ने फंसे हुए लगभग 11,000 नाविकों को बाहर निकालने की योजना बनाई थी, लेकिन एक हमले के बाद इसे फिलहाल रोक दिया गया है. समुद्री रास्तों में इस तरह की अस्थिरता का असर सामान की सप्लाई और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत
इस तनाव को खत्म करने के लिए 1 जुलाई से Qatar के Doha में अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी बातचीत शुरू हुई है. इसमें युद्धविराम और Strait of Hormuz के भविष्य के प्रबंधन पर चर्चा हो रही है. फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता है, जिसके तहत अगस्त के मध्य तक जहाजों को बिना टोल दिए रास्ता दिया जाएगा. हालांकि, ईरान ने संकेत दिए हैं कि इस अवधि के बाद वह जहाजों से शुल्क वसूलना शुरू कर देगा.
