अमेरिका और ईरान के बीच Strait of Hormuz को लेकर पाकिस्तान में चल रही बातचीत अब अटक गई है। दोनों देशों के बीच किसी भी नतीजे पर सहमति नहीं बन पाई है, जिससे तनाव बढ़ गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर शर्तों को नहीं माना गया तो कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी।

बातचीत में कौन शामिल थे और क्या रही स्थिति?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस बातचीत की मेजबानी की ताकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हो सके। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance, Steve Witkoff और Jared Kushner आए थे। वहीं ईरान की ओर से Mohammad Qalibaf और Abbas Araghchi ने हिस्सा लिया। 11 अप्रैल को अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कर दिया कि अब तक कोई समझौता नहीं हुआ है।

डोनाल्ड ट्रंप के दावे और ईरान की मांगें क्या हैं?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर कहा कि अमेरिका ने चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों की मदद के लिए Strait of Hormuz को साफ़ करना शुरू कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना अब खत्म हो चुकी है। दूसरी तरफ, ईरान ने अपनी जमी हुई संपत्ति वापस मांगी है और कहा है कि वह इस बातचीत में पूरी तरह अविश्वास के साथ आया है।

समुद्र की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय दबाव

समुद्र में USS Michael Murphy जैसा अमेरिकी युद्धपोत देखा गया है। ईरान का दावा है कि उसने जहाजों को चेतावनी दी, जबकि अमेरिका ने इसे गलत बताया। इससे पहले 7 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नेविगेशन की सुरक्षा के लिए लाया गया एक प्रस्ताव रूस और चीन के वीटो की वजह से फेल हो गया था।

मुख्य बिंदु विवरण
बातचीत की जगह इस्लामाबाद, पाकिस्तान
युद्धविराम की अवधि दो हफ्ते (लगभग 9 अप्रैल से शुरू)
ईरान की शर्त संपत्ति की वापसी और प्रतिबंध हटाना
अमेरिकी दावा Strait of Hormuz को साफ़ करना
UN प्रस्ताव रूस और चीन ने वीटो किया
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com