Strait of Hormuz: अमेरिका के बर्ताव बदलने पर ही खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान के शीर्ष अधिकारी ने साफ-साफ कह दी बड़ी बात.

फारस की खाड़ी में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते को लेकर ईरान की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी Mohammad-Bagher Zolghadr ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपने व्यवहार में बुनियादी बदलाव नहीं लाता, तब तक रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। 8 अगस्त 2026 को दिए गए इस बयान के बाद से पूरी दुनिया में खलबली मच गई है क्योंकि इस रास्ते से दुनिया भर का तेल और गैस का बड़ा कारोबार होता है और खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों व आम लोगों की चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं।
ईरान की शर्तें और अमेरिका से तनातनी
ईरान के शीर्ष अधिकारी ने इस रास्ते को दोबारा खोलने के लिए कई कड़ी शर्तें रखी हैं। इनमें ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ अमेरिकी धमकियों व सैन्य कार्रवाइयों को पूरी तरह से बंद करना, नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा देना, सभी तरह के प्रतिबंधों को हटाना और ईरान की जमी हुई संपत्तियों को वापस जारी करना शामिल है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Mohammad Akraminia ने भी चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तय किया गया ईरानी नियम अब पूरी तरह से अपरिवर्तनीय है और यदि अमेरिका इस सच्चाई को स्वीकार नहीं करता है तो उसे इसके बहुत बड़े परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ओमान के साथ बातचीत और टैंकर पर हमला
एक तरफ जहां ईरान अमेरिका के सामने सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं तेहरान से अलग-अलग संकेत भी मिल रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने हाल ही में घोषणा की है कि ईरान और ओमान इस रास्ते से अस्थायी शिपिंग रूट शुरू करने को लेकर एक समझौते के बहुत करीब हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इस रास्ते का पूरा खुलना अमेरिका द्वारा इस्लामाबाद समझौते के उल्लंघनों को सुधारने पर ही निर्भर करेगा। इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात तब और बिगड़ गए जब यूएई की तरफ से यह जानकारी सामने आई कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे ADNOC के एक तेल टैंकर पर कथित तौर पर ईरानी मिसाइल से हमला किया गया, गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई।
बहरीन की चिंता और अमेरिका का रुख
इस ताजा घटना के बाद बहरीन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि जहाजों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इन तमाम तनावों के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बयान दिया है कि ईरान ने वाशिंगटन को यह भरोसा दिलाया है कि जलडमरूमध्य में किसी भी तरह के टोल या टैक्स वसूलने की उनकी कोई योजना नहीं है। अमेरिका को उम्मीद है कि जल्द ही तेल और गैस का प्रवाह पहले की तरह सामान्य हो जाएगा। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ 30 से 60 दिनों का संघर्षविराम जल्द लागू हो सकता है, जिससे इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से खोलने में मदद मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों का मानना है कि इस रास्ते को पूरी तरह बंद करना ठीक नहीं है, लेकिन ईरान लगातार अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां सफर करने वाले लोगों की निगाहें पूरी स्थिति पर टिकी हुई हैं।