Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए ब्रिटेन की अध्यक्षता में एक बड़ी बैठक हुई है. इसमें सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री और भारत समेत 35 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया है. ईरान द्वारा इस समुद्री रास्ते को बंद किए जाने से दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसे लेकर यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कोशिश की जा रही है. इस बैठक का मुख्य मकसद समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाना और फंसे हुए जहाजों को रास्ता दिलाना है.

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बैठक में किन अहम बातों पर चर्चा हुई?

ब्रिटिश विदेश मंत्री Yvette Cooper ने इस बैठक की अध्यक्षता की और ईरान के कदमों की कड़ी निंदा की है. बैठक में शामिल देशों ने समुद्री रास्तों पर जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया. अधिकारियों ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य फंसे हुए जहाजों और नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को फिर से पटरी पर लाना है. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी रास्ते से जरूरी सामान और तेल की सप्लाई होती है.

  • Strait of Hormuz और Bab al-Mandab में जहाजों की आजादी को बहाल करने की मांग की गई है.
  • ईरान के हस्तक्षेप को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना गया.
  • सभी देशों ने मिलकर काम करने और समुद्री सुरक्षा के लिए सामूहिक कदम उठाने का आह्वान किया है.
  • ब्रिटेन ने इस क्षेत्र में समुद्री बारूद (mines) हटाने के लिए अपने जहाज तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है.

विवाद का कारण और वर्तमान स्थिति क्या है?

ईरान ने फरवरी 2026 में हुए हमलों के बाद इस रास्ते को बंद कर दिया था. इसका सीधा असर भारत और खाड़ी देशों के बीच होने वाले व्यापार पर पड़ रहा है. ईरान का कहना है कि जो देश उसके नए नियमों को मानेंगे, उन्हीं के जहाजों को वहां से निकलने दिया जाएगा. वहीं बैठक के दौरान फ्रांस ने सैन्य कार्रवाई को एक मुश्किल विकल्प बताया है, जबकि अमेरिका इस बैठक में सीधे तौर पर शामिल नहीं हुआ.

मुख्य विवरण जानकारी
बैठक की तारीख 2 अप्रैल 2026
अध्यक्षता ब्रिटेन (United Kingdom)
शामिल मुख्य देश सऊदी अरब, भारत, UAE, फ्रांस, कनाडा, जापान
ईरान का स्टैंड नया कानून मानने वालों के लिए ही खुलेगा रास्ता
UN का रुख प्रस्ताव 2817 के जरिए मार्ग खोलने की मांग की गई
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.