अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक अस्थाई समझौते के बाद Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया गया है। इस फैसले के बाद दुनिया भर के बाजारों में तेल की सप्लाई बढ़ गई है, जिससे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। सऊदी अरब के बड़े तेल टैंकर, जो पिछले दो महीनों से लापता थे, अब फिर से समुद्र में नजर आने लगे हैं।
समझौते की मुख्य बातें
अमेरिका और ईरान के बीच एक 14 पॉइंट का शांति समझौता हुआ है। इस एग्रीमेंट के तहत ईरान ने वादा किया है कि वह अगले 60 दिनों तक कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित और बिना किसी शुल्क के रास्ता देने के लिए सभी जरूरी इंतजाम करेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 16 जून को ऐलान किया था कि यह अहम समुद्री रास्ता 19 जून तक पूरी तरह खुल जाएगा।
सऊदी टैंकरों की हलचल
18 जून को सऊदी अरब के तीन बहुत बड़े तेल टैंकर, जिनके नाम Jaham, Shaden और Awtad हैं, फिर से ट्रैकिंग सिस्टम पर दिखाई दिए। इन जहाजों में लगभग 60 लाख बैरल कच्चा तेल है और इनमें से दो जहाज एशियाई बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं। Kpler नाम की संस्था ने पुष्टि की है कि 18 जून को कुल आठ जहाज इस रास्ते से गुजरे।
सुरक्षा को लेकर अब भी चिंता
भले ही जहाजों की आवाजाही शुरू हो गई है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ अभी भी सतर्क हैं। BIMCO के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर Jakob Larsen ने बताया कि Strait of Hormuz के बीच के हिस्से में अभी भी माइन (बारूदी सुरंगें) बिछी हुई हैं, जिससे यह रास्ता खतरनाक है। इन माइन को हटाने के काम में 40 से 50 दिन का समय लग सकता है, जिसके बाद ही बीमा कंपनियां पूरी तरह भरोसा कर पाएंगी।
महत्वपूर्ण अपडेट और अनुमान
| तारीख/विवरण | मुख्य अपडेट |
|---|---|
| 16 जून 2026 | राष्ट्रपति Trump ने रास्ता खुलने का ऐलान किया |
| 18 जून 2026 | 3 सऊदी VLCC टैंकर फिर से एक्टिव हुए |
| 19 जून 2026 | बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई |
| समझौता अवधि | 60 दिनों तक सुरक्षित रास्ता देने का वादा |
| माइन क्लीनिंग | रास्ता साफ करने में 40 से 50 दिन लगेंगे |
| सितंबर अनुमान | उत्पादन का 50% हिस्सा वापस आने की उम्मीद |
| दिसंबर अनुमान | उत्पादन का 80% हिस्सा वापस आने की उम्मीद |
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेल की कीमतों में और गिरावट तब आएगी जब यह साबित हो जाएगा कि Strait of Hormuz में जहाजों का आना-जाना पूरी तरह सामान्य हो गया है। Morgan Stanley के विश्लेषकों के अनुसार, तेल की सप्लाई को पूरी तरह पटरी पर आने में कई हफ्ते लग सकते हैं।