Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है. British PM Keir Starmer और US President Donald Trump के बीच फोन पर विशेष बातचीत हुई है. इस चर्चा में समुद्री रास्ते को सुरक्षित तरीके से खोलने और सैन्य क्षमताओं के इस्तेमाल पर विचार किया गया है. UK अब 30 से ज्यादा देशों के साथ मिलकर एक गठबंधन बना रहा है ताकि समुद्री व्यापार को फिर से बहाल किया जा सके और जहाजों को सुरक्षा दी जा सके.

इस गठबंधन का क्या प्लान है और कौन से देश देंगे साथ?

UK इस पूरे अभियान का नेतृत्व कर रहा है और उसने दुनिया के 30 से अधिक देशों को एक साथ जोड़ा है. इस योजना के तहत समुद्र में जहाजों की सुरक्षा के लिए कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं:

  • NATO के Secretary-General Mark Rutte ने संकेत दिया है कि वे भी इस गठबंधन में शामिल हो सकते हैं.
  • समुद्र की निगरानी के लिए आधुनिक रडार तकनीक, माइनहंटर्स और फ्रिगेट्स का इस्तेमाल किया जाएगा.
  • गठबंधन का मुख्य उद्देश्य जहाजों को सुरक्षित और बिना किसी टोल या फीस के रास्ता दिलाना है.
  • British PM ने Gulf देशों के नेताओं से भी सलाह ली है ताकि इस समुद्री रास्ते पर स्थिरता बनी रहे.
  • यह गठबंधन सैन्य शक्ति के साथ-साथ कूटनीतिक रास्तों पर भी काम कर रहा है ताकि तनाव कम हो सके.

खाड़ी देशों और व्यापार पर क्या होगा इसका प्रभाव?

Strait of Hormuz का बंद होना वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. वर्तमान में इस रास्ते से केवल 7 प्रतिशत व्यापार ही संभव हो पा रहा है. US President Donald Trump ने ईरान की कड़ी आलोचना की है क्योंकि ईरान जहाजों से कथित तौर पर फीस वसूल रहा है. अगर यह समुद्री रास्ता 30 देशों की सुरक्षा में फिर से खुलता है, तो खाड़ी देशों से होने वाले तेल के निर्यात में तेजी आएगी. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीजों के दाम स्थिर होंगे और खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के रोजगार और वहां की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा. फिलहाल सुरक्षा बलों की एक वर्चुअल मीटिंग भी हो चुकी है जिसमें भविष्य की रणनीति तैयार की गई है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com