Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है और अब जहाजों के लिए रास्ता खतरनाक हो गया है. अमेरिका के Pentagon ने जानकारी दी है कि इस समुद्री रास्ते से माइन (mines) हटाने में 6 महीने तक का समय लग सकता है. इस खबर के बाद पूरी दुनिया में व्यापार और तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है क्योंकि यह रास्ता दुनिया के लिए बहुत जरूरी है.

अमेरिका और पेंटागन का क्या कहना है?

अमेरिकी रक्षा विभाग ने lawmakers को एक गुप्त ब्रीफिंग में बताया कि समुद्री माइन हटाने में लंबा समय लग सकता है. हालांकि, पेंटागन के प्रवक्ता Sean Parnell ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह सही नहीं माना. उन्होंने कहा कि एक छोटे इंटेलिजेंस अनुमान को अंतिम नहीं मानना चाहिए और रास्ता आधे साल तक बंद रहना नामुमकिन है. अधिकारियों का मानना है कि माइन हटाने का पूरा काम तब शुरू होगा जब अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ चल रहा संघर्ष खत्म हो जाएगा.

ईरान ने कैसे बिछाया जाल और क्या है खतरा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने मार्च 2026 से इस इलाके में समुद्री माइन बिछाने शुरू किए थे. इंटेलिजेंस रिपोर्ट कहती है कि वहां कम से कम 20 माइन हो सकते हैं. इन माइन्स को हटाने में मुश्किल इसलिए है क्योंकि:

  • कुछ माइन GPS तकनीक की मदद से रिमोटली कंट्रोल किए जा रहे हैं.
  • कुछ माइन छोटी नावों के जरिए डाले गए हैं जिन्हें ढूंढना मुश्किल है.
  • ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हाल ही में तीन जहाजों पर हमला किया है.

दुनिया भर में मची खलबली और जहाजों का क्या हाल है?

पनामा ने MSC Francesca नाम के जहाज को ईरान द्वारा जब्त किए जाने की कड़ी निंदा की है. वहीं इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने जहाजों पर हमलों को गलत बताया है और उन्हें तुरंत छोड़ने की मांग की है. अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी टैंकरों को बीच रास्ते से ही रोककर दूसरे रास्ते पर भेज दिया ताकि वे माइन से बच सकें. इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध खत्म करने की कोई तय समय सीमा नहीं बताई है, जबकि ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी रहेगी, रास्ता खोलना मुश्किल होगा.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.