समुद्री रास्तों के खुलने की उम्मीद तो है, लेकिन सामान की कीमतें जल्दी कम नहीं होंगी। Strait of Hormuz खुलने के बाद भी जहाजों का बीमा बहुत महंगा रहेगा। इससे ग्लोबल ट्रेड और सामानों की आवाजाही पर असर पड़ेगा, जिसका सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां आने-जाने वाले सामानों की कीमत पर पड़ सकता है।

शिपिंग और बीमा के दाम क्यों बढ़े हैं?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Strait of Hormuz फिर से खुल भी जाता है, तो भी शिपिंग लागत कम नहीं होगी। इसका सबसे बड़ा कारण वार-रिस्क इंश्योरेंस यानी युद्ध जोखिम बीमा की प्रीमियम दरों में भारी बढ़ोतरी है। बीमा कंपनियां तब तक दाम कम नहीं करेंगी जब तक वहां लंबे समय तक शांति नहीं रहती।

  • बीमा दरों में उछाल: पहले एक जहाज की वैल्यू का केवल 0.25% बीमा प्रीमियम लगता था, जो अब बढ़कर 3% से 8% तक पहुंच गया है।
  • भारी खर्च: एक बड़े टैंकर के केवल एक बार गुजरने का बीमा बिल अब 30 लाख डॉलर से 80 लाख डॉलर तक जा रहा है।
  • खतरों का डर: समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों (mines) को हटाने में कई महीने लग सकते हैं, जिससे जहाजों के लिए खतरा बना हुआ है।

कंपनियों और सरकारों ने क्या कदम उठाए हैं?

बढ़ते खर्चों के बीच शिपिंग कंपनियों ने ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालना शुरू कर दिया है। वहीं अमेरिकी सरकार ने व्यापार को बचाने के लिए बड़े फंड जारी किए हैं।

विवरण जानकारी / राशि
बीमा प्रीमियम (पहले) 0.25%
बीमा प्रीमियम (अब) 3% से 8% (अधिकतम 10%)
एक टैंकर का बीमा खर्च 3 मिलियन से 8 मिलियन डॉलर
शिपिंग सरचार्ज (Hapag-Lloyd और CMA CGM) 1,500 से 4,000 डॉलर प्रति कंटेनर
US DFC पहला री-इंश्योरेंस प्रोग्राम 20 बिलियन डॉलर
US DFC दूसरा राजनीतिक जोखिम बीमा 40 बिलियन डॉलर
सुरंग हटाने का समय (अनुमानित) कई महीने

Hapag-Lloyd और CMA CGM जैसी बड़ी कंपनियों ने कार्गो के लिए इमरजेंसी कॉन्फ्लिक्ट सरचार्ज लगाया है। उधर, अमेरिका की DFC ने जहाजों और कार्गो के जोखिम को कवर करने के लिए अरबों डॉलर का प्रोग्राम शुरू किया है ताकि तेल और LNG की सप्लाई न रुके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बीमा प्रीमियम बढ़ने से आम आदमी पर क्या असर होगा?

बीमा और शिपिंग लागत बढ़ने से जहाजों का किराया बढ़ता है, जिससे आयात होने वाले सामान और तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए सामानों की महंगाई के रूप में दिख सकता है।

अमेरिकी सरकार ने व्यापार को बचाने के लिए क्या किया है?

अमेरिकी इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DFC) ने कुल 60 बिलियन डॉलर तक के री-इंश्योरेंस और राजनीतिक जोखिम बीमा प्रोग्राम शुरू किए हैं ताकि जहाजों का संचालन जारी रह सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.