अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते विवाद का असर अब समुद्री व्यापार पर साफ दिखने लगा है। Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में बहुत बड़ी गिरावट आई है, जो व्यापार के लिए एक गंभीर स्थिति है। शिपिंग फर्म Kpler के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को केवल 3 जहाज ही इस रास्ते से गुजर पाए, जबकि युद्ध शुरू होने से पहले यहाँ रोजाना 100 से ज्यादा जहाज आते-जाते थे।
समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ा खतरा
CENTCOM ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार 11वीं रात हमले किए हैं। इस तनाव के कारण UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने रिपोर्ट दी कि एक टैंकर पर हमला हुआ और चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। इसके अलावा, ओमान के पास भी Dynacom Tankers के दो जहाज हमलों का शिकार हुए। सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को भी Red Sea में हूती विद्रोहियों की धमकियों के बाद अपना रास्ता बदलना पड़ा।
भारतीयों के लिए भारत सरकार की सलाह
सुरक्षा के हालातों को देखते हुए भारत के Directorate General of Maritime Administration ने जहाज मालिकों और कंपनियों को निर्देश दिया है। अब किसी भी जहाज पर भारतीय नाविकों को तैनात न करने की सलाह दी गई है जो Strait of Hormuz से होकर गुजरते हैं। इसके साथ ही, क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों की निगरानी के लिए एक ऑपरेशनल डैशबोर्ड भी बनाया गया है। वर्तमान में 11 जुलाई के बाद से कोई भी LNG टैंकर इस रास्ते से नहीं गुजरा है।
