Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में चल रहे सुरक्षा संकट और अनिश्चितता के कारण समुद्री जहाजों ने अपने रास्ते बदल दिए हैं। इसकी वजह से भारत, ओमान और अन्य खाड़ी देशों के बंदरगाहों पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान की सेना की कड़ी चेतावनियों और नए सुरक्षा हादसों के बाद बड़ी शिपिंग कंपनियों ने इस रूट से दूरी बना ली है, जिससे दुनिया भर में माल ढुलाई का खर्च और समय दोनों बढ़ गए हैं।
ईरान की नई चेतावनी और सुरक्षा के कड़े नियम
ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड ने साफ कहा है कि सभी कमर्शियल और तेल ले जाने वाले जहाजों को उनके तय किए गए रास्तों का ही पालन करना होगा। ईरान इस समुद्री क्षेत्र को अपनी संप्रभुता का हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका और कई खाड़ी देश इसका विरोध कर रहे हैं। हाल ही में एक विदेशी कंटेनर जहाज के भटकने के बाद ईरान ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस तनाव की वजह से इस रास्ते से जाने वाले जहाजों का बीमा खर्च (War Risk Premium) बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिससे कंपनियों के लिए यहाँ से गुजरना काफी नुकसानदेह साबित हो रहा है।
वैकल्पिक बंदरगाहों पर बढ़ा दबाव और जाम की स्थिति
रास्ता बदलने के कारण खाड़ी क्षेत्र और भारत के कई प्रमुख बंदरगाहों पर जहाजों की भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई है। नीचे दी गई तालिका में विभिन्न बंदरगाहों की वर्तमान स्थिति दी गई है:
| बंदरगाह का नाम (Port) | प्रभाव और वर्तमान स्थिति (Impact & Status) |
|---|---|
| JNPA (Navi Mumbai, भारत) | अचानक कार्गो बढ़ने से भारी जाम, कंटेनर रोकने का समय (Dwell Time) सामान्य से तीन गुना बढ़ा। |
| Sohar (ओमान) | जहाजों का वेटिंग टाइम बढ़ा, कंटेनर रोकने का समय सामान्य से चार गुना से अधिक हुआ। |
| Jebel Ali (यूएई) | सुरक्षा चिंताओं के कारण जहाजों के आने-जाने में भारी गिरावट दर्ज की गई। |
| Salalah (ओमान) | जनरल कार्गो और लिक्विड टर्मिनल पर परिचालन अगली सूचना तक पूरी तरह निलंबित। |
| Jeddah (सऊदी अरब) | जाम और अत्यधिक दबाव के कारण ऊपरी खाड़ी के कार्गो के लिए सीमा पार समाधान निलंबित। |
| सिंगापुर और एशियाई बंदरगाह | लंगर (Anchorage) पर खड़े जहाजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी, बड़ा बैकलॉग। |
| कुवैत के बंदरगाह | काम सामान्य रूप से जारी, लेकिन सीमा में प्रवेश करते ही AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) बंद करना अनिवार्य। |
शिपिंग रूट में बदलाव से बढ़ा समय और खर्च
Maersk, MSC, CMA CGM, और Hapag-Lloyd जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों को पूरी तरह से डायवर्ट कर दिया है। अब ये जहाज अफ्रीका के ‘केप ऑफ गुड होप’ (Cape of Good Hope) वाले लंबे रास्ते से जा रहे हैं। इस वैकल्पिक रूट के कारण जहाजों को अपनी यात्रा पूरी करने में 14 दिन तक का अतिरिक्त समय लग रहा है। इस बदलाव से 81,000 से अधिक शिपमेंट प्रभावित हुए हैं, जो सामान्य दिनों की तुलना में 250 प्रतिशत से भी अधिक हैं। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी खतरा बना हुआ है।
