अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद का असर अब समंदर के रास्तों पर दिखने लगा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 24 घंटों में Strait of Hormuz से सिर्फ सात जहाज गुजरे हैं। इनमें ज्यादातर सूखे माल ढोने वाले जहाज थे। दोनों देशों के बीच बातचीत बंद होने की वजह से शिपिंग डेटा में यह भारी कमी आई है।

ℹ: भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हुआ बड़ा समझौता, अब भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए खुलेंगे नौकरी के रास्ते, जानें क्या होगा फायदा

Strait of Hormuz में जहाजों की संख्या इतनी कम क्यों हुई?

दरअसल अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी थी। इसके जवाब में ईरान ने भी इस रास्ते को अमेरिका, इसराइल और उनके सहयोगियों के लिए बंद कर दिया। ईरान ने केवल चीन, तुर्की और सऊदी अरब के जहाजों को ही रास्ता दिया। शिपिंग कंपनियों के बीच डर का माहौल है और कई बड़ी कंपनियों ने इस रास्ते से बुकिंग लेना बंद कर दिया है। इस कारण Gulf of Oman में सैकड़ों जहाज रुके हुए हैं। ईरान के संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ किया कि जब तक अमेरिकी घेराबंदी रहेगी तब तक रास्ता नहीं खुलेगा।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में क्या अड़चनें हैं?

  • ईरान का प्रस्ताव: ईरान ने पाकिस्तान के जरिए एक प्रस्ताव भेजा कि वह जलमार्ग की पाबंदियां हटा देगा, लेकिन बदले में अमेरिका को अपनी घेराबंदी खत्म करनी होगी।
  • अमेरिका की शर्त: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उनका कहना है कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म नहीं करता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा।
  • ईरान का रुख: राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिकी धमकियां और घेराबंदी बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट हैं।
  • सैन्य स्थिति: Admiral Brad Cooper के मुताबिक अमेरिकी घेराबंदी में 10,000 से ज्यादा जवान तैनात हैं, जिससे ईरान का समुद्री व्यापार लगभग रुक गया है।