Strait of Hormuz Update: ईरान का दावा जहाजों के लिए रास्ता सुरक्षित, लेकिन IRGC ने पकड़े दो जहाज, अमेरिका ने भी कड़ा किया पहरा

Strait of Hormuz दुनिया के तेल और व्यापार का सबसे अहम समुद्री रास्ता है, जहाँ इस वक्त भारी तनाव बना हुआ है। ईरान का दावा है कि यहाँ से जहाजों का आना-जाना सुरक्षित है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही नज़र आ रही है। अमेरिकी सेना और ईरान की IRGC के बीच टकराव बढ़ गया है, जिसका सीधा असर ग्लोबल शिपिंग और व्यापार पर पड़ रहा है।

ईरान का दावा और असली हकीकत क्या है?

ईरान के राजदूत Kazem Jalali ने कहा कि नए कानूनी ढांचे और सुरक्षा इंतजामों के तहत जहाज इस रास्ते से बिना किसी डर के गुजर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इसराइल के हमले अपने मकसद में नाकाम रहे। लेकिन दूसरी तरफ, ईरान की IRGC ने कहा कि जब तक अमेरिका अपनी नाकेबंदी नहीं हटाता, यह रास्ता बंद रहेगा। समुद्री खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, यहाँ जोखिम बहुत बढ़ गया है और जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई है।

अमेरिका की सख्ती और जहाजों की जब्ती

अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने जानकारी दी कि अब तक 27 जहाजों को वापस मुड़ना पड़ा या उन्हें ईरानी बंदरगाहों की तरफ भेजा गया। 19 अप्रैल को अमेरिकी बलों ने TOUSKA नाम के एक ईरानी कार्गो जहाज को रोक दिया था। वहीं, 22 अप्रैल को IRGC ने Epaminondas और MSC Francesca नाम के दो कंटेनर जहाजों को पकड़ लिया। राष्ट्रपति Donald Trump ने आदेश दिया है कि जो भी नाव इस रास्ते में माइन बिछाने की कोशिश करेगी, उसे तुरंत मार गिराया जाए और माइन हटाने के काम को तीन गुना बढ़ा दिया गया है।

टोल टैक्स और व्यापार पर असर

ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाना शुरू कर दिया है और कुछ देशों, जैसे रूस को इससे छूट दी गई है। इसी बीच BIMCO संस्था ने चेतावनी दी है कि कुछ लोग ईरानी अधिकारियों के नाम पर फर्जी ईमेल भेजकर टोल टैक्स मांग रहे हैं, जिससे शिपिंग कंपनियां ठगी का शिकार हो सकती हैं। जानकारों का कहना है कि अगर रास्ता पूरी तरह खुल भी जाता है, तो तेल और गैस की सप्लाई को सामान्य होने में मई से सितंबर तक का समय लग सकता है।