Strait of Hormuz में युद्ध विराम के बाद भी जहाजों की आवाजाही लगभग बंद है। ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक सैंकड़ों जहाज खाड़ी में फंसे हुए हैं और उनके चलने का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिका ने अब इस रास्ते को साफ करने के लिए अपने युद्धपोत भेजे हैं ताकि समुद्री व्यापार फिर से शुरू हो सके।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी शांति वार्ता शुरू हुई है। अमेरिकी दल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरानी दल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf कर रहे हैं। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने जलमार्ग से ईरानी समुद्री माइन हटाने का काम शुरू कर दिया है। US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy जहाजों ने इस रास्ते को पार किया है। हालांकि, ईरान के सैन्य अधिकारियों ने इन दावों को नकारा है और चेतावनी दी है कि बिना अनुमति आने वाले अमेरिकी जहाजों पर हमला किया जाएगा।

जहाजों के लिए नए नियम और मुश्किलें क्या हैं?

ईरान ने इस जलमार्ग पर अपना पूरा नियंत्रण जताया है और कुछ नए नियम लागू किए हैं। अब सभी जहाजों को गुजरने के लिए IRGC को रिपोर्ट करना होगा। ईरान जहाजों के मालिक, बीमा और ट्रेडिंग हिस्ट्री की पूरी जानकारी मांग रहा है ताकि अमेरिका या इसराइल से जुड़े जहाजों को रोका जा सके। इसके अलावा, ईरान ने जहाजों के लिए Larak Island के पास एक नया रास्ता बताया है। सबसे ज्यादा चर्चा $2 मिलियन तक के ट्रांजिट शुल्क की है, जिसे ईरान वसूलना चाहता है।

कितने जहाज और लोग फंसे हुए हैं?

समुद्री विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के मुताबिक स्थिति काफी गंभीर है। बड़ी संख्या में कार्गो और टैंकर जहाज खाड़ी के अंदर फंसे हुए हैं जिनके कारण वैश्विक व्यापार पर असर पड़ सकता है।

संस्था/स्रोत फंसे हुए जहाजों की संख्या विवरण
Lloyd’s List 600 बड़े समुद्र यात्रा करने वाले जहाज
IMO 2,000 टैंकर और कार्गो जहाज
IMO 20,000 फंसे हुए नाविक (Seafarers)
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com