वेस्ट एशिया में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। BJD सांसद Sasmit Patra ने चिंता जताई है कि अगर चीन ने Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी, तो युद्ध का दायरा और ज्यादा बढ़ सकता है। यह पूरा मामला अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी करने के बाद शुरू हुआ है।

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Strait of Hormuz में तनाव क्यों बढ़ा?

अमेरिका की सेना ने 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10:00 बजे ईरान के सभी पोर्ट्स की घेराबंदी (Naval Blockade) शुरू कर दी। यह फैसला तब लिया गया जब 11 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पूरी तरह फेल हो गई। अमेरिका ने साफ कहा है कि यह नाकाबंदी उन सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी जो ईरानी बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

चीन और भारत की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

चीन के रक्षा मंत्री Admiral Dong Jun ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है कि चीन के जहाज Strait of Hormuz से गुजरना जारी रखेंगे। चीन ने कहा कि ईरान के साथ उसके व्यापार और ऊर्जा समझौतों में कोई बाहरी दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 23 मार्च को इस नाकाबंदी को अस्वीकार्य बताया था। सांसद Sasmit Patra ने याद दिलाया कि भारत के तेल और LPG की सप्लाई के लिए यह समुद्री रास्ता बहुत जरूरी है और इसे हथियार नहीं बनाना चाहिए।

घटनाक्रम की पूरी जानकारी

तारीख क्या हुआ
23 मार्च 2026 PM मोदी ने नाकाबंदी को अस्वीकार्य बताया
3 अप्रैल 2026 Sasmit Patra ने तेल और LPG सप्लाई पर चिंता जताई
11 अप्रैल 2026 अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता विफल हुई
13 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरानी पोर्ट्स की घेराबंदी शुरू की
13 अप्रैल 2026 चीन ने अमेरिका को व्यापार में दखल न देने की चेतावनी दी
14 अप्रैल 2026 BJD सांसद ने युद्ध विस्तार की आशंका जताई