ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध के हालातों ने पूरी दुनिया में खाद्य संकट की चिंता बढ़ा दी है। Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रुकने से खाद और अनाज की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र और अल जजीरा की रिपोर्ट्स के मुताबिक, 19 मार्च 2026 तक के हालात बताते हैं कि जरूरी चीज़ों की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं। ईरान ने पहले ही कई जरूरी वस्तुओं के निर्यात पर पाबंदी लगा दी है।

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शिपिंग और सप्लाई चेन पर क्या असर पड़ा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने 17 मार्च 2026 को कहा कि इस युद्ध की वजह से Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही में बाधा आ रही है। ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले ऊर्जा और भोजन से भरे जहाजों पर ‘ट्रांजिट फीस’ और ‘सुरक्षा टैक्स’ लगाने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही ईरान ने 3 मार्च से ही खाद्य पदार्थों के निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी है। शिपिंग में हो रही इस रुकावट से खाड़ी देशों और अन्य देशों में अनाज की किल्लत होने का डर है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और खेती पर प्रभाव के आंकड़े

विशेषज्ञों का कहना है कि खाद की कमी से आने वाले 6 महीनों में मुख्य फसलों की पैदावार घट सकती है। इससे दुनिया के कुछ हिस्सों में अकाल जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा है। World Food Programme ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष जारी रहा तो करीब 4.5 करोड़ लोग भुखमरी का सामना कर सकते हैं। नीचे दिए गए आंकड़ों से सप्लाई की स्थिति को समझा जा सकता है:

सामग्री Strait of Hormuz से सप्लाई
Global Urea Export 35%
Fertilizer Shipments 20% से ज्यादा
तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के पार

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक ईंधन की बढ़ती कीमतें खेती, ट्रांसपोर्ट और प्रोसेसिंग के खर्च को बढ़ा देंगी। इसका सीधा बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और खाने-पीने की चीज़ों के दाम आसमान छू सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र इस मामले को सुलझाने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com