दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है। कुछ दिन पहले ईरान ने इसे सुरक्षित बताया था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। अमेरिका और ईरान दोनों ने इस रास्ते पर नाकाबंदी कर दी है, जिससे जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है और ग्लोबल ट्रेड पर बुरा असर पड़ा है।

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Strait of Hormuz में क्या चल रहा है और व्यापार पर क्या असर पड़ा है?

फिलहाल इस समुद्री रास्ते से व्यापारिक जहाजों का गुजरना बहुत मुश्किल हो गया है। अमेरिका और ईरान की डबल नाकाबंदी की वजह से जहाजों की संख्या 140 से घटकर सिर्फ 5 से 6 कंटेनर प्रतिदिन रह गई है। ईरान ने अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए ट्रांजिट फीस लेना शुरू कर दिया है, जिसका पैसा ईरान के सेंट्रल बैंक में जाएगा। हालांकि, रूस जैसे कुछ खास देशों को इस फीस से छूट दी गई है।

जहाजों की जब्ती और अमेरिका का ‘शूट एंड किल’ ऑर्डर क्या है?

ईरान ने हाल ही में EPAMINONDAS और MSC FRANCESCA नाम के दो विदेशी जहाजों को जब्त कर लिया और कुछ अन्य जहाजों पर फायरिंग भी की। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नेवी को आदेश दिया है कि अगर कोई ईरानी जहाज रास्ते में माइन बिछाते हुए मिले, तो उसे तुरंत मार गिराया जाए। पेंटागन के मुताबिक, इस रास्ते से सारी माइन हटाने में करीब 6 महीने का समय लग सकता है।

भारतीय नाविकों का क्या हाल है और किन फर्जी संदेशों से बचना है?

इस तनाव के बीच भारत के लिए चिंता बढ़ गई है क्योंकि दो विदेशी जहाजों पर 22 भारतीय नाविक सवार थे, जिन पर फायरिंग हुई। दूसरी तरफ, shipping कंपनियों को चेतावनी दी गई है कि वे फर्जी संदेशों से बचें। MARISKS कंपनी ने बताया है कि कुछ लोग ईरानी अधिकारियों के नाम पर सुरक्षित रास्ता देने के बदले क्रिप्टोकरेंसी में पैसों की मांग कर रहे हैं, जो कि एक बड़ा स्कैम है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.