Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बहुत बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की है और ‘Touska’ नाम के जहाज को जब्त कर लिया है. इसके जवाब में ईरान ने भी जहाजों को पकड़ा है और नए नियम लागू किए हैं जिससे समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है.

ईरान और अमेरिका के बीच क्या हुआ और कौन से जहाज जब्त हुए?

20 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरानी झंडे वाले जहाज Touska को जब्त कर लिया, जिसे ईरान ने समुद्री डकैती करार दिया. इसके जवाब में 22 अप्रैल को ईरान ने MSC Francesca और Epaminondas नाम के दो कंटेनर जहाजों को जब्त किया और Euphoria नाम के एक जहाज पर हमला किया. UKMTO की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जहाज के ब्रिज को काफी नुकसान पहुँचा है. अमेरिका का कहना है कि Touska जहाज पर ऐसी चीजें मिलीं जिनका इस्तेमाल हथियार बनाने में हो सकता है.

ईरान ने जहाजों के आने-जाने के लिए क्या नए नियम बनाए हैं?

ईरान की IRGC ने 18 अप्रैल को नए निर्देश जारी किए, जिसके तहत अब केवल उन्हीं नागरिक जहाजों को जाने दिया जाएगा जो ईरान द्वारा तय किए गए रास्तों का पालन करेंगे. सैन्य जहाजों के लिए इस रास्ते से गुजरना पूरी तरह प्रतिबंधित है. 23 अप्रैल को ईरान ने एक नया ट्रैफिक मैप जारी किया, जिसमें जहाजों को ‘Tehran toll booth’ रूट से गुजरना होगा. ईरान ने कुछ इलाकों को ‘डेंजर जोन’ घोषित कर दिया है जहाँ से गुजरना मना है.

क्या इस विवाद को खत्म करने के लिए कोई बातचीत हो रही है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने दूतों को पाकिस्तान भेजा है ताकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की जा सके. हालांकि, ईरान के प्रवक्ता ने कहा है कि फिलहाल अमेरिकियों के साथ किसी बैठक की योजना नहीं है. ट्रम्प ने साफ़ किया है कि जब तक ईरान के साथ सौदा 100% पूरा नहीं होता, तब तक नाकाबंदी जारी रहेगी. तेल और गैस की कीमतों को काबू में रखने के लिए अमेरिका ने Jones Act वेवर को 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया है ताकि गैर-अमेरिकी जहाज सामान ढो सकें.