Strait of Hormuz में बढ़ती तनातनी, ईरान की नई धमकियों से कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल.

होरमुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। 7 अगस्त 2026 को ईरान की ओर से 'होस्टाइल टारगेट्स' पर हमले की खबरों और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर नए तरह के प्रतिबंध लगाने की चर्चा से तेल की कीमतों में अचानक तेजी देखी गई है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे बड़ा जरिया है और यहां की अशांति का सीधा असर खाड़ी देशों के साथ-साथ भारत और अन्य देशों में भी महंगाई के रूप में पड़ता है।
तेल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़त
शुक्रवार को Brent crude futures की कीमत 1.2% बढ़कर $83.48 प्रति बैरल हो गई। वहीं, अमेरिकी West Texas Intermediate (WTI) वायदा में भी 1.1% का उछाल देखा गया और यह $78.84 पर पहुंच गया। इस स्थिति पर United Arab Emirates (UAE) की सरकार बहुत करीब से नजर रख रही है। जानकारों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले महीनों में तेल की कीमतों में और अधिक भारी इजाफा हो सकता है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
ईरान की नई शर्तें और विवाद
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान एक ऐसे बिल पर विचार कर रहा है जो होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। अगर यह बिल पास होता है, तो ईरान वहां से गुजरने वाली शिपिंग कंपनियों से 5% से 7% तक का ट्रांजिट शुल्क मांग सकता है। इतना ही नहीं, जो जहाज ईरान के 'होस्टाइल' यानी दुश्मन माने जाएंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाने की बात भी कही जा रही है। ओमान की तरफ से भी 3% शुल्क लेने की चर्चाएं हैं, जबकि अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी प्रकार के अतिरिक्त शुल्क या बाधा को स्वीकार नहीं करेगा।
बढ़ती अनिश्चितता और प्रवासियों पर असर
बाजार के जानकारों का मानना है कि होरमुज जलडमरूमध्य में सामान्य आवाजाही बहाल होने की उम्मीद कम होती जा रही है। U.S. Bank Asset Management Group के अधिकारी Rob Haworth के मुताबिक, अभी तक किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हो पाया है, जिससे जहाजों की आवाजाही अभी भी काफी कम बनी हुई है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है क्योंकि तेल की कीमतों का सीधा संबंध ट्रांसपोर्ट और दैनिक उपभोग की चीजों से होता है।
तनाव के अन्य कारण
इस पूरे मामले में जटिलता तब और बढ़ गई जब यमन के हूतियों ने सऊदी अरब के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। JPMorgan और Goldman Sachs के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यदि ये सैन्य गतिविधियां और क्षेत्रीय अस्थिरता लंबे समय तक जारी रहती है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है।
| Metric | Details |
|---|---|
| Brent Crude Price | $83.48 per barrel |
| WTI Price | $78.84 per barrel |
| Proposed Transit Fee | 5% to 7% |
| Oman Discussed Fee | 3% |