Strait of Hormuz Tension: ईरान और अमेरिका में बढ़ा टकराव, तेल की कीमतों में 7% का उछाल, जहाजों के लिए रास्ता बंद
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जिसका सीधा असर पूरी दुनिया में तेल की कीमतों पर पड़ा है। Strait of Hormuz के पास मचे बवाल की वजह से कच्चे तेल के दाम 7% तक बढ़ गए हैं। ईरान ने इस इलाके में जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने की चेतावनी दी है, जिससे ग्लोबल मार्केट में भारी हलचल मची हुई है।
ईरान और अमेरिका के बीच आखिर क्या विवाद हुआ?
ईरान की IRGC ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज Strait of Hormuz के करीब आएंगे, उन्हें दुश्मन का साथ देने वाला माना जाएगा और उन पर हमला किया जा सकता है। दरअसल, अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के बंदरगाहों की समुद्री घेराबंदी कर रखी है। अमेरिका ने TOUSKA नाम के एक ईरानी कार्गो जहाज को जब्त भी कर लिया है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह बंद हो गई है।
तेल की कीमतों और जहाजों पर क्या असर पड़ा?
इस तनाव की वजह से कच्चे तेल के दाम अचानक 7% बढ़ गए हैं। समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ गया है, जिसकी वजह से करीब 35 जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। कुछ जहाजों पर फायरिंग की खबरें भी आई हैं, जिससे शिपिंग कंपनियां डरी हुई हैं। भारत ने भी अपने जहाजों पर हुए हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी Chris Wright ने कहा है कि फिलहाल इस रास्ते से गुजरना सुरक्षित नहीं है।
मुख्य नेताओं और संस्थाओं का क्या कहना है?
| नाम/संस्था | कहा गया बयान/कदम |
|---|---|
| Donald Trump | ईरान पर बुनियादी ढांचे को तबाह करने की धमकी दी |
| IRGC (ईरान) | जहाजों को रास्ता बदलने और चेतावनी मानने को कहा |
| Masoud Pezeshkian | ईरान के परमाणु अधिकारों और आत्मरक्षा की बात कही |
| Mohammad Bagher Ghalibaf | जब तक अमेरिकी घेराबंदी रहेगी, रास्ता बंद रहेगा |
| CENTCOM (USA) | ईरानी जहाज TOUSKA को जब्त करने की पुष्टि की |
| भारत सरकार | अपने जहाजों पर हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई |