Strait of Hormuz में तनाव: Rajnath Singh ने जताई चिंता, भारतीय जहाजों पर हमले के बाद Navy ने तैनात किए 7 युद्धपोत

भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए Strait of Hormuz का रास्ता बहुत जरूरी है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने जर्मनी दौरे के दौरान कहा कि यहाँ किसी भी तरह की रुकावट भारत के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। हाल ही में दो भारतीय जहाजों पर हुए हमलों के बाद भारत ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि तेल और व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

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भारतीय जहाजों पर हमला और अब तक की स्थिति क्या है?

18 अप्रैल 2026 को ‘Jag Arnav’ और ‘Sanmar Herald’ नाम के दो भारतीय जहाजों पर ईरानी गार्ड्स ने फायरिंग की। हालांकि इस घटना में किसी भी चालक दल के सदस्य को चोट नहीं आई, लेकिन भारत ने इसे गंभीरता से लिया और ईरान के राजदूत को तलब किया। वहीं ‘Desh Garima’ नाम का तेल टैंकर सुरक्षित तरीके से यहाँ से निकल गया और उसके 22 अप्रैल तक मुंबई पहुँचने की उम्मीद है।

भारतीय Navy और सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?

भारतीय Navy ने इस इलाके में 7 युद्धपोत तैनात कर दिए हैं ताकि जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके और उन पर नज़र रखी जा सके। Navy ने भारतीय झंडे वाले जहाजों के लिए एक नया एडवाइजरी जारी किया है, जिसमें Larak Island के पास जाने से बचने और बिना अनुमति आगे न बढ़ने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, DG Shipping ने अब तक 2,563 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस भारत पहुँचाया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की क्या तैयारी है?

भारत को ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा शुरू की गई एक समुद्री पहल में शामिल होने का न्योता मिला है, जिसका मकसद Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा करना है। Ministry of External Affairs (MEA) लगातार ईरान के साथ बातचीत कर रही है ताकि भारतीय जहाजों का रास्ता सुरक्षित रहे। रक्षा मंत्री ने साफ किया कि पश्चिम एशिया से ऊर्जा की जरूरतों के लिए भारत काफी निर्भर है, इसलिए वहाँ की स्थिरता भारत के लिए बेहद जरूरी है।