Strait of Hormuz में चल रहे तनाव के बीच समुद्री व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। 23 जुलाई 2026 को यहां से केवल एक टैंकर गुजर सका, जो 7 मई 2026 के बाद से सबसे निचला स्तर है। शिपिंग फर्म Kpler के अनुसार, इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही में 70 फीसदी की भारी गिरावट आई है। पहले जहां रोजाना लगभग 45 जहाज गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर मात्र 13 रह गई है।
ईरान और अमेरिका का रुख
Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने ऐलान किया है कि जलडमरूमध्य अब उनके नियंत्रण में है और अमेरिकी आक्रामकता जारी रहने तक इसे बंद रखा जाएगा। बिना पूर्व अनुमति के किसी भी टैंकर को यहां से गुजरने की इजाजत नहीं है। साथ ही, एक कमर्शियल टैंकर के प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने पर आग लगने की घटना भी सामने आई है। इसके विपरीत, United States Central Command (CENTCOM) का कहना है कि जलडमरूमध्य व्यापार के लिए खुला है। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि हमलों का जवाब देने के लिए वे ईरान की संपत्तियों का उपयोग करेंगे और हर नए हमले पर ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएंगे।
प्रवासियों और व्यापार पर असर
United Nations (UN) ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और चेतावनी दी है कि इसके परिणाम घातक हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के अनुसार, लगभग 6,000 नाविक खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए करीब 500 जहाजों पर मौजूद हैं। सुरक्षा जोखिमों के कारण अब जहाजों को बहुत लंबे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है। जापान ने भी इसे अपनी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बताया है, और बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
