Strait of Hormuz में बढ़ा तनाव, ट्रंप ने दिया ‘मार गिराओ’ का आदेश, ईरान ने लेना शुरू किया टोल टैक्स
Middle East में तनाव काफी बढ़ गया है। Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब गंभीर मोड़ पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना को सख्त निर्देश दिए हैं, जबकि ईरान ने जहाजों से टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है। इस लड़ाई का असर अब आम लोगों की जेब और दुनिया भर की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव क्यों बढ़ा?
24 अप्रैल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया कि जो भी नाव Strait of Hormuz में माइन बिछाती हुई मिले, उसे तुरंत मार गिराया जाए। इससे पहले 13 अप्रैल को अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की तरफ जाने वाले जहाजों के लिए नाकाबंदी की थी, जिससे अब तक 34 जहाज अपना रास्ता बदल चुके हैं। जवाब में ईरान की IRGC ने EPAMINONDAS और MSC FRANCESCA नाम के दो कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया और एक अन्य पर फायरिंग की। अमेरिका ने भी दक्षिण एशिया में ईरान के तीन टैंकर जब्त किए हैं।
आम आदमी और व्यापार पर क्या होगा असर?
ईरान ने अब Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाना शुरू कर दिया है और पहला राजस्व भी जमा कर लिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि इस तनाव की वजह से अमेरिका में गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं, लेकिन उन्होंने इसे ईरान को परमाणु हथियार मुक्त करने के लिए जरूरी बताया है। वहीं International Maritime Organization के चीफ आर्सेनियो डोमिन्गेज़ ने इस स्थिति की निंदा की है और जहाज व उनके क्रू को तुरंत रिहा करने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है कि इस विवाद से दुनिया भर में सामान की डिलीवरी और मानवीय मदद में रुकावट आ सकती है।
ईरान के अंदरूनी हालात और बातचीत की स्थिति
ईरान के अंदर भी नेतृत्व में मतभेद दिख रहे हैं। संसद स्पीकर मोहम्मद गालिबफ ने अमेरिका के साथ बातचीत का नेतृत्व छोड़ दिया है, क्योंकि उनका कहना है कि IRGC जनरलों का इसमें दखल था। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी और धमकियां इसमें सबसे बड़ी बाधा हैं। वहीं पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन फिलहाल तनाव कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।