अमेरिका की CENTCOM ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले नौ दिनों से जारी इस नाकेबंदी के कारण अमेरिका ने 12 कमर्शियल जहाज़ों को उनका रास्ता बदलने का निर्देश दिया है और एक जहाज़ को निष्क्रिय (disable) कर दिया है। यह कदम 14 जुलाई से उठाया गया है ताकि किसी भी जहाज़ को ईरानी बंदरगाहों या तटीय इलाकों में आने-जाने से रोका जा सके।

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तनाव का कारण और व्यापार पर असर

यह सैन्य कार्रवाई अप्रैल में हुए समझौते के टूटने के बाद शुरू हुई है। UAE रक्षा मंत्रालय ने 14 जुलाई को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों पर हुए ईरानी मिसाइल हमले की कड़ी निंदा की थी और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था। वहीं, ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Mohammad Akraminia ने इस क्षेत्र पर ईरान की संप्रभुता का दावा किया, जिसे CENTCOM ने 23 जुलाई को सिरे से खारिज कर दिया।

क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे हमलों के कारण समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 23 जुलाई तक हॉर्मुज में अमेरिकी सहायता प्राप्त दक्षिणी मार्ग पर जहाज़ों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। शिपिंग कंपनी Maersk ने भी बढ़ते जोखिम को देखते हुए प्रति कंटेनर $1,000 का अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया है, जो 23 जुलाई से लागू हो गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ चेतावनी दी है कि ईरान को अपनी इन हरकतों के नतीजे भुगतने होंगे।

Sushma Kumari

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