दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz में तनाव काफी बढ़ गया है। बीते रविवार, 12 जुलाई को यहाँ से गुजरने वाले जहाजों की संख्या पिछले पांच हफ्तों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। शिपिंग डेटा प्रोवाइडर Kpler के अनुसार, उस दिन केवल 6 जहाज ही वहां से गुजर पाए। इस दौरान कई टैंकरों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपने AIS transponders को बंद कर दिया, जिसे डार्क क्रॉसिंग कहा जाता है।
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अमेरिका और ईरान का आमना-सामना
US Central Command (CENTCOM) ने स्पष्ट किया है कि Strait of Hormuz सभी जहाजों के लिए खुला है। अमेरिका ने रविवार और सोमवार को ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और मिसाइलें शामिल हैं। वहीं, ईरान का कहना है कि उन्होंने जलमार्ग को बंद कर दिया है और उनके नौसैनिकों ने दो जहाजों को रोका है। ईरान का दावा है कि यह रास्ता उनके क्षेत्र में आता है।
तेल की कीमतों पर असर
इस बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है और सोमवार को तेल की कीमतों में 4% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के हमलों ने कूटनीतिक कोशिशों को नाकाम कर दिया है। इसके पहले M/V GFS Galaxy और KIKU जैसे जहाजों पर हुए हमलों ने इस क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने तुरंत हमले रोकने की अपील की है, जबकि IMO ने जहाजों को इस रास्ते से न जाने की सलाह दी है।
