Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। हालात इतने खराब हैं कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की संख्या लगभग खत्म हो गई है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वह ईरानी जहाजों को तबाह कर देगा, वहीं ईरान ने भी जहाजों को रोकने और उन पर टैक्स लगाने की बात कही है। इस खींचतान की वजह से पूरी दुनिया के व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।

🗞️: Strait of Hormuz Update: ईरान ने बिछाए समुद्री माइन, अमेरिका ने दिया गोली मारने का आदेश, जहाजों के लिए बढ़ा खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने साफ कहा है कि अमेरिकी सेना उन ईरानी जहाजों को नष्ट कर देगी जो समुद्र में माइन बिछाने की कोशिश करेंगे। राष्ट्रपति Donald Trump ने आदेश दिया है कि बिना अमेरिकी नौसेना की मंजूरी के कोई जहाज इस रास्ते से अंदर नहीं आएगा और बाहर नहीं जाएगा। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है, जिसकी वजह से 13 अप्रैल के बाद से 33 जहाजों को वापस लौटना पड़ा। दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए रास्ता बंद कर दिया है और अपने इलाके में आने वाले जहाजों की जांच करने की बात कही है।

आम लोगों और नाविकों पर क्या असर पड़ा

इस लड़ाई की वजह से समुद्र के रास्ते में भारी जाम लग गया है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 20,000 नाविक और 2,000 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। 22 अप्रैल को तो हालात यह थे कि एक भी कमर्शियल जहाज खाड़ी से बाहर नहीं निकल पाया, जो कि सामान्य समय के मुकाबले 95% की गिरावट है। इससे जहाजों का बीमा महंगा हो गया है। भारत सरकार ने पुष्टि की है कि वहां फंसे उनके सभी नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में 65 नाविकों को वापस लाया गया है।

हालिया हमले और दुनिया का रुख

24 अप्रैल को ईरान ने तीन जहाजों पर फायरिंग की और दो जहाजों, Euphoria और Epaminondas को अपने कब्जे में ले लिया। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव ने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के विस्तार का स्वागत किया है ताकि बातचीत हो सके। ब्रिटेन और फ्रांस ने भी एक इंटरनेशनल समिट की और मांग की कि इस रास्ते को बिना किसी शर्त के तुरंत खोला जाए। हालांकि, चीन और रूस ने सुरक्षा परिषद में उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया जिसमें ईरानी हमलों को रोकने की बात कही गई थी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.