Strait of Hormuz Tension: होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान आमने-सामने, ट्रंप के दावे के बाद बढ़ा विवाद

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के एक बड़े दावे के बाद दुनिया भर में तनाव काफी बढ़ गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है और अमेरिकी अधिकारी ही यह तय करेंगे कि इस रास्ते से कौन से जहाज गुजरेंगे। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है और खाड़ी देशों में चिंता का माहौल बन गया है। सऊदी मीडिया में इस खबर के आने के बाद से ही स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है और लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि आने वाले दिनों में इसका क्या असर होगा।
ईरान का कड़ा विरोध और सुरक्षा हालात
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और सैन्य अधिकारियों ने ट्रंप के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का साफ कहना है कि ये बातें केवल मनगढ़ंत हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य पर केवल इस्लामिक गणराज्य ईरान का ही अधिकार और प्रबंधन है। यह सारा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हुआ 60-day memorandum of understanding यानी समझौता खत्म होने वाला है जो आगामी 16 August 2026 को पूरा हो रहा है। समुद्री कानून के नियमों के मुताबिक यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, लेकिन ईरान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस रास्ते पर अपनी पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी शर्ते नहीं मानी जातीं, तब तक यह मार्ग बंद रहेगा।
जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट और यूएई पर असर
इस बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE से बड़ी खबर आई है जहां दो सरकारी जहाजों पर हमलों की पुष्टि की गई है। इस सुरक्षा संकट की वजह से इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग पर जहाजों की आवाजाही बहुत ज्यादा कम हो गई है। जानकारी के मुताबिक, जहां पहले इस रास्ते से रोज करीब 130 ships गुजरती थीं, वहीं अब August 12 तक यह संख्या घटकर मात्र eight रह गई है। अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी बनाए रखने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं और अधिक गहरी हो गई हैं।