Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नेवी को सख्त आदेश दिया है कि जो भी नाव समुद्री रास्ते में माइन बिछाती दिखे, उसे तुरंत मार गिराया जाए। दूसरी तरफ ईरान ने भी अपनी एकता दिखाते हुए जवाबी हमला करने की बात कही है, जिससे इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा बढ़ गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच असल में क्या विवाद चल रहा है?

अमेरिका का कहना है कि ईरान समुद्री रास्तों में माइन बिछाकर खतरा पैदा कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने साफ कर दिया है कि माइन बिछाने वाले किसी भी ईरानी जहाज को तबाह कर दिया जाएगा। अमेरिका ने माइन हटाने के काम को भी तीन गुना बढ़ा दिया है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और संसद स्पीकर ने कहा है कि वह किसी भी हमलावर को छोड़ेंगे नहीं और अपनी जीत के लिए लड़ेंगे।

समुद्री जहाजों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?

इस तनाव की वजह से अब तक 30 से ज्यादा जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। ईरान ने अब यह नियम बना दिया है कि खाड़ी में आने या जाने के लिए उसे अनुमति लेनी होगी। ईरान अब रास्तों से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा के नाम पर फीस लेगा, हालांकि रूस जैसे कुछ देशों को इसमें छूट दी गई है। इस बीच एक राहत की खबर यह है कि जब्त जहाज Epaminondas पर सवार एक भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित है।

क्या शांति के लिए कोई कोशिश हो रही है?

इतनी तनावपूर्ण स्थिति के बीच पाकिस्तान दोनों देशों के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर 24 अप्रैल को पाकिस्तान जा रहे हैं। वहां उनकी मुलाकात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से होगी ताकि इस विवाद को बातचीत से सुलझाया जा सके। फिलहाल ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका की नाकाबंदी खत्म नहीं होती, वह समुद्री रास्ता पूरी तरह नहीं खोलेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.