Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर गहरा असर पड़ा है। 14 जुलाई 2026 को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से केवल 4 जहाज ही गुजरे, जो 17 जून को हुए अमेरिका-ईरान समझौते के बाद सबसे कम संख्या है। इन जहाजों में एक तेल टैंकर और तीन कंटेनर जहाज शामिल थे, जो Oman और UAE के बंदरगाहों से निकले थे। सुरक्षा के मद्देनजर इन जहाजों की जानकारी छिपाई गई थी।

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समझौते के बाद भी तनाव जारी

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच 17 जून को एक समझौता हुआ था, जिसका मकसद सैन्य गतिविधियों को रोकना और 60 दिनों के भीतर कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता खोलना था। हालांकि, Article 5 की गलत व्याख्या के कारण विवाद पैदा हो गया है। ईरान का दावा है कि यह खंड उन्हें यातायात प्रबंधन का अधिकार देता है, जबकि अमेरिका का कहना है कि ईरान को जहाजों के आने-जाने में कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए।

बढ़ता तनाव और ब्लॉकेज का खतरा

12 जुलाई को केवल 11 जहाज ही गुजर पाए थे, क्योंकि उससे पहले GFS Galaxy कंटेनर जहाज पर हमला हुआ था। 11 जुलाई को IRGC Navy ने जलमार्ग को बंद करने की घोषणा की थी जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया। वहीं, 14 जुलाई को राष्ट्रपति Donald Trump ने इस रास्ते पर 20 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा, जिसे ईरान ने सिरे से नकार दिया है। ईरान का कहना है कि समुद्री सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं की है और वे इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण मजबूत करना चाहते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.